सीएसडी कैंटीन हमीरपुर में कोरोनाकाल में उड़ती सामाजिक दूरी नियमों की धज्जियां।
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हमीरपुर। अपनी सेहत को संकट में डालकर आरट्रेक ईएसएम सीएसडी कैंटीन हमीरपुर में पूर्व सैनिक खरीदारी कर रहे हैं। कैंटीन में अपनी बारी के इंतजार में पूर्व सैनिकों को भारी भीड़ के बीच धक्के खाने पड़ रहे हैं। कोरोना महामारी से बचने के लिए भले प्रदेश सरकार जनता से भीड़ न जुटाने, मास्क और सैनिटाइजर समेत सामाजिक दूरी नियमों का पालन करने की अपील कर रही है, लेकिन सरकार की इस अपील का सीएसडी कैंटीन प्रबंधन पर कोई असर नहीं दिख रहा। सीएसडी कैंटीन हमीरपुर में खरीदारी के लिए आने वाले पूर्व सैनिकों के लिए न तो हैंड सैनिटाइजर की कोई व्यवस्था है और न ही अलग-अलग लाइनों के लिए कोई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
यहां पर रोजाना सैकड़ों की संख्या में पूर्व सैनिक, उनकी वीर नारियां और आश्रित खाद्य सामग्री समेत अन्य सामान खरीदने पहुंचते हैं। हैरानी की बात है कि यह अव्यवस्था एक या दो दिन की नहीं बल्कि लंबे समय से चली आ रही है। टौणीदेवी, बराड़ा, चबूतरा, लंबलू, अमरोह, मझोग सुलतानी समेत दूर-दराज के क्षेत्र में रहने वाले पूर्व सैनिक और उनके आश्रित इस भीड़ से बचने के लिए सुबह आठ बजे ही कैंटीन पहुंच जाते हैं, लेकिन दिनभर भीड़ का यही हाल है।
सीएसडी कैंटीन भवन काफी छोटा है, लेकिन यहां पर कार्ड धारकों की संख्या हजारों में है। जिस कारण भी आए दिन इस तरह की परेशानियां पेश आ रही हैं। पूर्व सैनिकों जीवन लाल, प्रशोत्तम ठाकुर, अशोक ठाकुर, सुनील शर्मा, वीरेंद्र ठाकुर, प्रताप सिंह, विधि चंद और जितेंद्र सिंह ने कहा कि यहां पर भीड़ से निपटने के लिए कोई उचित प्रबंध नहीं हैं। रोजाना पूर्व सैनिकों को यहां पर अपनी बारी के चक्कर में धक्के खाने पड़ रहे हैं।
इधर, अमर उजाला ने जब शुक्रवार को दोपहर दो बजे सीएसडी कैंटीन का दौरा किया तो कैंटीन के प्रबंधक कैंटीन में मौजूद नहीं पाए गए। कैंटीन के सहायक प्रबंधक पुरुषोत्तम सिंह ने कहा कि प्रबंधक कहीं जरूरी काम से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचने के लिए कार्ड धारकों को खुद जिम्मेवारी लेनी होगी। खुद नियमों का पालन करना चाहिए।