पूर्व विधायक बलदेव शर्मा ने कहा है कि दियोटसिद्ध मंदिर के चढ़ावे में से 51 लाख की राशि सीपीएस इंद्रदत्त लखनपाल के निर्देश पर मंदिर आयुक्त के हाथों मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया जाना पूर्णतया अनुचित है।
अच्छा होता यदि सीपीएस और जिलाधीश आम जनता से धन संग्रह कर मुख्यमंत्री राहत कोष में भिजवाते। उन्होंनेे कहा कि मंदिर में चढ़ावे के पैसे का प्रयोग मंदिर में श्रद्धालुओं को सुविधाएं मुहैया देने और आसपास के क्षेत्र के विकास पर खर्च किया जाना चाहिए।
पूर्व विधायक ने कहा कि मंदिर के लंगर भवन का निर्माण कई दिनों से लटका हुआ है जिसको पूरा करने के लिए सीपीएस और ट्रस्ट के अध्यक्ष कोई ध्यान नहीं दे रहे। क्षेत्र में स्थापित गौशाला के रखरखाव के लिए भी चढ़ावे के पैसे को प्रयोग किया जा सकता है।
हालांकि मुख्यमंत्री को खुश करने के लिए चढ़ावे का पैसा देना स्थानीय क्षेत्रवासियों तथा श्रद्धालुओं की भावनाओं से खिलवाड़ है। शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने मुख्यमंत्री राहत कोष में से जिला और दियोटसिद्ध के आसपास के लोगों को कितना पैसा उपलब्ध करवाया है, इस बारे में सरकार श्वेत पत्र जारी करे।