राशन डिपुओं से चीनी के सैंपल भरने के बाद खाद्य आपूर्ति निगम ने दाल और आटा के सैंपल भरने का निर्णय लिया है। प्रत्येक सप्ताह में सभी गोदाम से आटा और दालों के सैंपल भरे जाएंगे। इसे जांच के लिए शिमला भेजा जाएगा। इससे जिला के लोगों को सस्ते राशन की दुकानों में उचित गुणवत्ता की खाद्य वस्तुएं मिल सकेगी।
बीते माह प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर चीनी के 17 सैंपल फेल हो गए थे। सैंपल फेल होने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। उसके बाद खाद्य आपूर्ति निगम भी हरकत में आया और प्रत्येक चीनी के ट्रक से सैंपल लेना शुरू कर दिया। वहीं आटा और दालों के सैंपल भरने का निर्णय भी लिया गया। जिससे सस्ते राशन की दुकानों में उपभोक्ताओं को सही गुणवत्ता की खाद्य सामग्री मुहैया करवाना सुनिश्चित किया जा सके।
खाद्य आपूर्ति निगम प्रत्येक गोदाम से आटा और दालों के सैंपल लेगा। हालांकि जिला भर में सिविल सप्लाई कारपोरेशन के कुल आठ गोदाम है। ऐसे में आठों गोदामों से विभाग एक आटा और एक दाल का सैंपल लेगा। सप्ताह में सभी गोदामों से कम से कम 16 सैंपल भरे जाएंगे। हालांकि डिपुओं में उपभोक्ताओं को तीन दालें मिलती है, ऐसे में किसी भी दाल के संदेहास्पद होने पर अतिरिक्त सैंपल भी भरे जा सकते हैं। इसे जांच के लिए शिमला भेजा जाएगा।
यहां से सैंपलों की रिपोर्ट शिमला भेजी जाएगी। अगर कोई सैंपल फेल होता है तो इसकी रिपोर्ट संबंधित क्षेत्रीय प्रबंधक को भेजी जाएगी। इस आधार पर खाद्य आपूर्ति निगम आगामी कार्रवाई अमल में लाएगा।
जिला के प्रत्येक गोदाम से सप्ताह में कम से कम एक दाल और आटा का सैंपल भरा जाता है। इसे जांच के लिए शिमला भेजा जाता है। वर्ष 2016 में अब तक कोई सैंपल फेल नहीं हुआ है। अगर कोई सैंपल फेल हो तो आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-आरके सूद, एरिया मैनेजर हमीरपुर।