मेडिकल कॉलेज की ईएनटी ओपीडी में मरीजों की जांच करते डॉ दिशा और डॉ देवेंद्र। संवाद
- फोटो : पटेलनगर चौराहा।
हमीरपुर। अधिकांश लोग ठंड के मौसम में स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह हो जाते हैं। इस लापरवाही के कारण वह बीमारी से पीड़ित हो जाते हैं। सर्दियों के मौसम में डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज की ईएनटी ओपीडी में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
अस्पताल में गले में दर्द, खराश, कान का दर्द और टॉन्सिल के करीब पांच फीसदी मरीज बढ़े हैं। सामान्य दिनों में जहां ईएनटी ओपीडी में 60 से 70 मरीज आते थे, वहीं सर्दियों में यह संख्या बढ़कर 90 से 95 तक पहुंच गई हैं। मरीजों को गले में दर्द और खराश की परेशानी हो रही है। वहीं, खांसी भी अधिक हो रही है। ठंड में परहेज नहीं करने की वजह से कान के दर्द से पीड़ित लोग भी इलाज करवाने पहुंच रहे हैं।
डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज ईएनटी ओपीडी के विशेषज्ञ डॉ. त्रिलोक ने कहा कि ईएनटी ओपीडी में खांसी, जुकाम, गले का दर्द, कान में दर्द से पीड़ित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि चार से पांच फीसदी मरीज बढ़े हैं। सर्दी के मौसम में खासकर बच्चों को ठंड से बचाना चाहिए। बच्चों पर ठंड का असर जल्द देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि टांन्सिल के मरीज भी नियमित रूप से आ रहे हैं।
ये सावधानियां बरतें
डॉ. त्रिलोक ने कहा कि सर्दियों के मौसम में लोगों को गुनगुना पानी पीना चाहिए। गले में खराश होने पर गरारा करें। सर्दी से बचने के लिए पूरी शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। वहीं, टोपी पहनें और कानों को भी ढककर रखना चाहिए। खुले वाहन में सफर करते समय सावधानियां बरतें, ताकि बीमारी की चपेट में आने से बच जाएं।
मेडिकल कॉलेज की ईएनटी ओपीडी में मरीजों की जांच करते डॉ दिशा और डॉ देवेंद्र। संवाद- फोटो : पटेलनगर चौराहा।