हमीरपुर। प्रदेश सरकार के आगामी बजट से विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों के कर्मचारियों को प्रदेश सरकार से बड़ी उम्मीदें हैं। नियमित के साथ आउटसोर्स कर्मचारी भी बजट का इंतजार कर रहे हैं। आउटसोर्स कर्मियों की स्थायी पॉलिसी बनाने की मांग अरसे से लंबित है। सरकार इसे लेकर बजट में घोषणा करती है या नहीं, इस पर नजर टिकी हुई है। सातवें पे कमीशन की अनियमितताओं समेत हर माह तय तारीख को वेतन मिलने की मांग भी कर्मचारियों की उम्मीद में शामिल है। डीए से लेकर एरियर का भुगतान भी अभी होना है। चिकित्सक, शिक्षक, कर्मचारी, दिहाड़ीदार सभी को अपनी मांगे पूरी होने की आस है। लोस चुनाव से पूर्व प्रस्तावित इस बजट को लेकर प्रदेश सरकार हर वर्ग को रिझाने का प्रयास करेगी। ऐसे में हर वर्ग को इस बजट से उम्मीदें भी अधिक हैं।
कोट
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाई जाए तथा बजट में उनके वेतन को बढ़ाने का प्रावधान किए जाए।
दिनेश शर्मा : आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन के जिला संयोजक।
सरकार को बजट में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। चिकित्सकों की मांगों को जल्द पूरा करना चाहिए ताकि उनका मनोबल बढ़े।
डॉ. सुरेंद्र डोगरा, मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के जिला प्रधान।
-सरकार ने कोरोनाकाल में नियुक्त किए कर्मचारियों के लिए कोई नीति नहीं बनाई और बाहर का रास्ता दिखा दिया। ऐसे में इन कर्मचारियों को अपने परिवारों का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में सरकार इन कर्मचारियों को दोबारा रोजगार उपलब्ध करवाए और उनकी समस्या का हल करे।
सुरेश कुमार, कोराना काल में नियुक्त आउटसोर्स यूनियन के सदस्य।
-जेबीटी शिक्षकों का वर्ष 2016 से वेतन का एरियर लटका हुआ है। वहीं, तीन डीए किस्त लंबित है। सरकार को बजट में प्राथमिक शिक्षकों के एरियर और डीए का भुगतान करने के लिए ठोस नीति और प्राथमिक स्कूलों में रिक्त जेबीटी शिक्षकों के पदों को भरने के लिए ठोस नीति का प्रावधान करना चाहिए।
नरेश शर्मा, प्रधान, प्राथमिक शिक्षक संघ हमीरपुर।
-बजट में प्रदेश सरकार को सरकारी स्कूलों में शुरू किए क्लस्टर सिस्टम को शुरू करने के लिए अधिक बजट का प्रावधान करना चाहिए ताकि स्कूलों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। वहीं, कंप्यूटर, एसएमसी, आउटसोर्स शिक्षकों को रेगुलर करने के लिए ठोस नीति का प्रावधान करना चाहिए ताकि उन्हें सुविधा मिल सके ।
राजेश गौतम, जिला प्रधान, राजकीय अध्यापक संघ।
-बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को 1-1-16 से छठे पे कमीशन का भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है। प्रदेश सरकार से बोर्ड के लिए विशेष ग्रांट मिलने की उम्मीद भी कर्मचारी वर्ग ने लगा रखी है।
हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन, प्रदेशाध्यक्ष कामेश्वर शर्मा
-पथ परिवहन निगम के कर्मचारियों को ट्रेजरी के माध्यम से सैलरी का भुगतान हर माह किया जाए और कर्मचारियों के लंबित चल रहे 45 महीनों के अतिरिक्त रात्रि भत्तों का भुगतान जल्द किया जाए। भविष्य में रात्रि भत्तों का भुगतान हर महीने की बीस तारीख तक किया जाए।
पथ परिवहन निगम चालक यूनियन के प्रदेश कार्यकारिणी, मुख्य सलाहकार सुरेश ठाकुर