उपायुक्त कार्यालय कर्मचारी संघ जिला हमीरपुर ने हिमाचल प्रदेश संयुक्त पटवार कानूनगो संघ की ओर से नायब तहसीलदार पद पर पदोन्नति में 100 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की मांग का कड़ा विरोध किया है।
संघ के अध्यक्ष संजीव प्रभाकर और महासचिव दीपक शर्मा ने कहा कि इस बारे में संघ की एक आपात बैठक वीरवार को हमीरपुर मेंकी गई। इसमें वरिष्ठ उपप्रधान प्रकाश चंद, उपप्रधान रतन चंद भाटिया, राज नारायणकर चौधरी, मुख्य संगठन सचिव पिंकी वर्मा, सोहन लाल, अश्विनी डोगरा, विजय कुमार, प्रीतम चंद, उमा गुप्ता, शरीफ खान और जय सिंह आदि ने भाग लिया।
जिला प्रधान संजीव प्रभाकर ने बताया कि आरएंडपी रूल्स के अनुसार उपायुक्त कार्यालयों में कार्यरत वरिष्ठ सहायकों और स्टेनोग्राफर के अलावा बंदोबस्त और लैंड रिकार्ड विभाग के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण दिया है।
इन विभागों के लिपिक वर्गीय कर्मचारियों को पदान्नति के बहुत कम अवसर हैं। नायब तहसीलदार के पद पर पदोन्नति का अवसर केवल उन कर्मचारियों के लिए रखा गया है जो विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण कर राजपत्रित/कार्यकारी सेवाओं में योग्यता के आधार पर खुद को साबित करते हैं।
कारण यह कि उक्त वर्ग के कर्मचारियों को राजपत्रित/कार्यकारी सेवा में और कोई भी पदोन्नति का अवसर नहीं मिलता। दूसरी तरफ पटवारी उम्मीदवार पहले कानूनगो, फिर नायब तहसीलदार, तहसीलदार, जिला राजस्व अधिकारी और एचएएस कैडर तक की सेवा में पदोन्नति प्राप्त करते हैं। पटवारी से नायब तहसीलदार पर पदोन्नति के लिए आरक्षण कोटा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया है।
इससे पहले भी सरकार ने प्रदेश सचिवालय सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों के लिए तहसीलदार के पद पर दो प्रतिशत पद आरक्षित कर उपायुक्त कार्यालय स्थापना के कर्मचारियों के साथ अन्याय किया है।
उपायुक्त कार्यालय कर्मचारी संघ ने प्रदेश सरकार, मंडलायुक्त मंडी और राजस्व मंत्री से अनुरोध किया है कि पटवारी वर्ग की इस आधारहीन मांग को स्वीकार न किया जाए।
उपायुक्त कार्यालय लिपिक वर्गीय कर्मचारियों से न्याय कर पदोन्नति के पहले से प्राप्त कम अवसर भी न छीने जाएं। उन्होंने चेताया कि अगर सऐसा हुआ तो उपायुक्त कार्यालय कर्मचारी संघ जिला और राज्य स्तर पर इसका कड़ा विरोध करेगा।