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बिजली संशोधन बिल और निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का प्रदर्शन

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बिजली संशोधन बिल के विरोध में गांधी चौक हमीरपुर में प्रदर्शन करते बिजली बोर्ड के कर्मचारी। - फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। बिजली संशोधन बिल और निजीकरण के विरोध में बिजली बोर्ड कर्मचारियों और सीटू कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ बुधवार को प्रदर्शन किया। केंद्र और प्रदेश सरकार से बिजली संशोधन कानून-2020 को वापस लेने और निजी कंपनियों के हाथों में सरकारी क्षेत्र की बिजली देने का विरोध किया। इसके अलावा खाली पदों पर शीघ्र भर्तियां करने और पुरानी पेंशन प्रणाली को बहाल करने की मांग उठाई है।
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हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन और बिजली कर्मचारियों एवं अभियंताओं की राष्ट्रीय समन्वय समिति के आह्वान पर कर्मचारियों ने बुधवार को अणु स्थित मुख्यालय पर धरना देकर इस बिल के विरोध में नारेबाजी की गई।
इसके बाद अणु चौक से लेकर गांधी चौक हमीरपुर तक रैली निकाली गई। इस मौके पर यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कामेश्वर दत्त शर्मा, महासचिव जितेंद्र धीमान, उपाध्यक्ष नंद लाल, हमीरपुर इकाई अध्यक्ष सुशील शर्मा, सचिव राजेश शर्मा, उपाध्यक्ष कृष्ण पाल, संदीप शर्मा, सुभाष चंद, अमर सिंह, राज कुमार, मुनीष कुमार समेत सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं सीटू के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर सीटू जिला हमीरपुर इकाई ने भी गांधी चौक पर देश की मोदी सरकार की ओर से लाए गए नए बिजली बिल के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। सीटू नेताओं ने कहा कि देश के अंदर जब से मोदी की सरकार सत्ता में आई है तब से देश के तमाम संसाधनों और देश की संपत्तियों को बेचने पर तुली है। पिछले महीने देश की सार्वजनिक क्षेत्र के बिजली बोर्डों को निजी हाथों में देने के लिए नया बिजली बिल संसद के अंदर पेश किया है। इस धरने में सीटू के राष्ट्रीय सचिव डॉक्टर कश्मीर सिंह ठाकुर, सीटू जिलाध्यक्ष प्रताप राणा, सीटू जिला सचिव जोगिंद्र कुमार, सीटू जिला सचिव सुरेश राठौर, धर्म सिंह, प्रवीण, रवि आदि ने भी संबोधित किया।
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यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष ने भी सरकार के विरुद्ध खोला मोर्चा
नादौन।
प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन की अगुवाई में बुधवार को नादौन में बिजली कर्मचारी, उपभोक्ता एवं पेंशनरों के संयुक्त मंच के बैनर तले बिजली संशोधन बिल 2021 को वापस लेने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान केंद्र सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की गई। उन्होंने एसडीएम नादौन के माध्यम से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को ज्ञापन भी दिया। बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह खरवाड़ा ने कहा कि अगर यह बिल संसद में पारित हो जाता है तो बिजली पर बड़े कारपोरेट घरानों का कब्जा हो जाएगा। इस कानून के अस्तित्व में आने से सब्सिडी और क्रॉस सब्सिडी खत्म हो जाएगी। जिससे बिजली की दरों में कई गुना बढ़ोतरी हो जाएगी। इस अवसर पर संयुक्त मंच के संयोजक पंकज परमार, नीतीश भारद्वाज सहित अन्य प्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया।
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