अवाहदेवी/हमीरपुर। बिजली बोर्ड के बीटेक कनिष्ठ अभियंताओं की बैठक हमीरपुर में शुक्रवार को हुई। इसमें एचपीपीसीएल और एचपीपीटीसीएल की ओर से अपनी भर्तियां शुरू करने पर रोष प्रकट किया गया। संगठन प्रतिनिधियों के मुताबिक वर्ष 2010 में बिजली बोर्ड को तीन हिस्सों में विभाजित कर एचपीपीसीएल व एचपीपीटीसीएल का गठन किया गया तथा सरकार ने बिजली बोर्ड की ओर से की जाने वाली विभिन्न भर्तियों के लिए सेवा नियम बनाए गए, परंतु सरकार के आदेशों को दरकिनार करते हुए दोनों कॉर्पोरेशन ने अपनी नई भर्तियां शुरू कर दी हैं। जिसके परिणाम स्वरूप आने वाले समय में सभी कनिष्ठ अभियंताओं को पदोन्नति के लिए तरसना पड़ेगा। राज्य बिजली बोर्ड में कई सालों के अनुभव वाले अभियंता कार्यरत हैं।
जिन्हें पदोन्नत किया जाना है। संगठन का मानना है कि एक अभियंता की कार्य निपुणता बनाए रखने के लिए समय-समय पर अलग कार्य सौंपे जाने चाहिए। जिसके लिए जनरेशन, ट्रांसमिशन व आपरेशन विंग में समयबद्ध कार्य करने की शर्तें सेवा नियम में रखनी चाहिए। कुछ समय पहले बीटेक कनिष्ठ अभियंता संघ का एक प्रतिनिधिमंडल दोनों कॉर्पोरेशन के उच्चाधिकारियों से मिला था। तब कुछ उच्चाधिकारियों ने बोर्ड के अभियंताओं की कार्यशैली पर ही सवाल खड़े कर दिए थे। परंतु वे इस बात को भूल गए कि इन्हीं अभियंताओं के बल पर आज प्रदेश का हर घर रोशन होता है। संगठन ने आरके शर्मा मैनेजिंग डायरेक्टर एचपीपीटीसीएल का धन्यवाद किया जिन्होंने बीटेक कनिष्ठ अभियंताओं की इस समस्या को सुना तथा संवेदना व्यक्त करते हुए इस बारे में आगे यथोचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। जल्द ही संगठन मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें अपनी व्यथा स्थिति से अवगत करवाएगा। इस मौके पर सुरेश कुमार, संजीव शास्त्री, शशिकांत, अभिषेक पुरी, रमेश, मुकेश, अकुंश, मनिका, प्रियंका, राहुल कपिल व अन्य कई अभियंता मैजूद रहे।