हमीरपुर। जिले के सरकारी विभागों पर बिजली बिल का बकाया बढ़ता ही जा रहा है, जिससे बिजली बोर्ड पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है। आमतौर पर बिजली बिल बकाये के मामले में बिजली बोर्ड आम उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त रवैया अपनाता है। बकाया राशि की वसूली के लिए नोटिस से लेकर कई तरह के कठोर कदम उठाए जाते हैं लेकिन जिले के कई सरकारी विभागों पर यही सख्ती नहीं हो रही है, जिस कारण सरकारी विभाग बिजली बिल जमा नहीं करवा रहे हैं। इससे बकाया बिजली बिल की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। बिजली बोर्ड हमीरपुर की ओर से बिजली उपभोक्ताओं से करीब 22 करोड़ 74 लाख रुपये की राशि बिजली बिल के रूप में ली जानी है।
इसमें सबसे अधिक दो सरकारी विभागों का बिल लंबित है। जल शक्ति विभाग का करीब 16 करोड़ रुपये और मेडिकल कॉलेज हमीरपुर का करीब ढाई करोड़ का बिल लंबित पड़ा हुआ है। अन्य बिजली बिल घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के हैं। जिला में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या करीब दो लाख दस हजार के करीब है। हालांकि बोर्ड की मानें तो समय-समय पर बिजली बिल अदायगी के लिए नोटिस जारी किए जाते हैं।
उपभोक्ताओं से करीब 22 करोड़ 74 लाख रुपये की राशि बिजली बिल के रूप में ली जानी है। जल शक्ति विभाग की ओर से करीब 16 करोड़ रुपये और मेडिकल कॉलेज हमीरपुर से करीब ढाई करेाड़ का बिल लंबित है। बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिल समय पर देने के लिए नोटिस जारी किए जाते हैं।
-आशीष कपूर, एसई, बिजली बोर्ड हमीरपुर