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Hamirpur (Himachal) News: गलियों में शिक्षण संस्थान, न सड़क न आग से निपटने के इंतजाम

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हमीरपुर। एजुकेशन हब हमीरपुर में निजी स्कूलों और कोचिंग संस्थानों को आग से बचाने के प्रबंध शून्य हैं। नियमों को ताक पर रख कर कई शिक्षण संस्थानों ने तो अग्निशमन विभाग को एनओसी तक के लिए आवेदन नहीं किया है। जिला मुख्यालय में महज 20 निजी स्कूलों और दो कोचिंग संस्थानों ने आग से सुरक्षा के प्रबंधों को लेकर एनओसी के लिए आवेदन किया है। इनमें से आधे संस्थानों को विभाग की ओर से एनओसी जारी हुई है जबकि शेष अभी तक खामियों को पूरा करने में जुटे हैं।
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जिला मुख्यालय में दर्जनों स्कूल और कोचिंग संस्थान हैं जिनकी तरफ से एनओसी के लिए आवेदन तक नहीं किया गया है। ये स्कूल और कोचिंग संस्थान तंग गलियों में संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों में न तो आग से निपटने के उचित प्रबंध हैं और न ही इन संस्थानों तक तंग गलियों और संकरी सड़कों की वजह से फायर बिग्रेड की गाड़ियों की पहुंच संभव है। ऐसे में यदि यहां पर दुर्भाग्य से आग की घटना होती है तो बड़ी अनहोनी हो सकती है। भीड़भाड़ वाले इन शिक्षण संस्थानों के इर्द-गिर्द घरों की भरमार है। विभाग की ओर से समय-समय पर इन शिक्षण संस्थानों को दिशानिर्देश जारी किए जाते हैं लेकिन कोई असर जमीन स्तर पर नजर नहीं आ रहा है। मुख्यालय के अलावा जिले के अन्य स्थानों में भी यही हाल है। हालात ऐसे हैं कि संस्थान प्रबंधकों की ओर से विभाग को एनओसी तक के लिए वर्ष 2023-24 में आवेदन नहीं किया है। हमीरपुर में 22, भोरंज में आठ, बड़सर में पांच, नादौन में 15 जबकि सुजानपुर में छह निजी शिक्षण संस्थानों ने अग्निशमन विभाग से एनओसी के लिए आवेदन किया है। हालांकि जिलेभर में कई ऐसे शिक्षण संस्थान ऐसे हैं जिन्होंने इस साल तो दूर बल्कि कई वर्षों से विभाग को एनओसी तक के लिए आवेदन नहीं किया है।

अग्निशमन अधिकारी हमीरपुर राजेंद्र चौधरी ने कहा कि जिन शिक्षण संस्थानों में आग से निपटने के सुरक्षा प्रबंधों में खामियां हैं उन्हें पूरा करने की हिदायतें दी गई हैं। जिले में शिक्षण संस्थानों को इसके लिए जागरूक किया जा रहा है।
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