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कंप्यूटर क्षेत्र में शैक्षणिक अनुभव की शर्त को जल्द हटाए सरकार

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हमीरपुर। कंप्यूटर विषय में डिग्री हासिल करने वाले हजारों बेरोजगार युवाओं ने पीजीटी आईपी के भर्ती नियमों में जोड़ी शैक्षणिक अनुभव की शर्त को हटाने की मांग की है। उन्होंने विभिन्न मंचों के माध्यम से मांग की है लेकिन इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार मूकदर्शक बनी है। उन्होंने कहा कि आउट सोर्सिंग के माध्यम से तैनात एक विशेष वर्ग को फायदा देने के मकसद से यह शर्त जोड़ी गई है। जबकि पिछले लंबे अरसे से पीजीटी आईपी भर्ती की राह देख रहे हजारों बेरोजगार पीजीटी (आईपी) के आरएंडपी नियमों को संशोधन करने की मांग उठा रहे हैं। जिसे जानबूझकर नजरंदाज किया जा रहा है तथा मौजूदा प्रदेश सरकार का यह रवैया दिखाता है कि सरकार बेरोजगार विरोधी तथा चहेतों की हितैषी हैं। प्रदेश विश्विद्यालय ने भी पीजीटी (आईपी) के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। जिसमें किसी भी प्रकार के शैक्षणिक अनुभव की शर्त नहीं रखी गई। जबकि शिमला स्थित उच्च शिक्षा निदेशालय द्वारा कुछ वर्ष पूर्व विज्ञापित पीजीटी (आईपी) की भर्ती में पूर्व कांग्रेस सरकार ने 5 वर्ष की शिक्षण अनुभव की शर्त जोड़कर प्रदेश के हजारों बेरोजगारों को भर्ती से बाहर करना चाहा जिस पर कुछ बेरोजगारों ने इस विवादित भर्ती के लिए ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की। न्यायालय की मध्यस्थता से इस भर्ती पर 2017 में स्थगन आदेश पारित हुए। इन बेरोजगारों और उनके अभिभावकों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तथा शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर से मांग की है कि प्रदेश शिक्षा विभाग के अधन स्कूलों में पीजीटी आईपी की 1191 रिक्तियों के लिए पिछले कई सालों से लंबित पड़ी भर्ती प्रक्रिया की भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन कर जल्द आरंभ करवाए। प्रदेश के विभिन्न जिलों के बेरोजगारों में सुशील,अमित, वीरेंद्र, राजवीर,सौरभ, प्रियंका,चंद्रतरुण,रवींद्र, सुशील कटोच, संजीव, विवेक नेगी, संजु, रिंकू, कुलविंद्र, ललिता, खुशबू, भूपिंद्र, तमन्ना, शिल्पा ने कहा कि शिक्षण अनुभव की पांच वर्ष की शर्त को निरस्त न किया तो प्रदेश भर में रोष स्वरूप आंदोलन किया जाएगा।
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