सुजानपुर (हमीरपुर)। एनडीए की नर्सरी कहलाए जाने वाला प्रदेश का एकमात्र सैनिक स्कूल सुजानपुर आजकल आर्थिक तंगहाली से गुजर रहा है। आलम यह है कि स्कूल के पास भवन मरम्मत तक करवाने के पैसे नहीं हैं। स्कूल प्रशासन ने उच्च अधिकारियों को स्कूूल की खस्ताहाल के बारे में अवगत करवा दिया है। वर्तमान में स्थिति यह है कि राज्य सरकार से मिलने वाली ग्रांट भी स्कूल को नहीं मिल रही है। बच्चों को मिलने वाली रिफ्रेशमेंट ग्रांट को भी राज्य सरकार ने देना बंद कर दिया है। हालांकि इस समस्या को लेकर हाल ही में स्कूल का एक प्रतिनिधिमंडल उप प्रधानाचार्य की अगुवाई में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से शिमला में मिला था। उन्हें समस्याओं के बारे में अवगत करवाया, लेकिन इसके बावजूद स्कूल को राज्य सरकार की ओर से कोई भी ग्रांट जारी नहीं की गई है।
जिस स्थान पर स्कूल कैंपस चल रहा है उस भूमि को स्कूल प्रशासन अपने नाम आज तक नहीं करवा पाया है। स्कूल कैंपस में स्मार्ट क्लासरूम सुविधा भी बंद है, क्योंकि 11 स्मार्ट रूम खस्ताहाल होने के बाद अभी तक सही नहीं हो पाए हैं। 500 से ज्यादा छात्रों की सुरक्षा के लिए स्कूल में स्थायी डॉक्टर की तैनाती नहीं हो पाई है। स्कूल के पास अपना कोई ग्राउंड नहीं है। सुरक्षा के मद्देनजर स्कूल को चारदीवारी तक उपलब्ध नहीं है। स्कूल वर्तमान में रिजर्व रखे गए फंड से चल रहा है, वह भी अब खत्म होने की कगार पर है। ऐसे में राज्य सरकार अगर स्कूल के लिए फंड जारी नहीं करती है तो स्कूल बंद होने की कगार पर पहुंच जाएगा। भवन मेंटेनेंस के लिए करीब सवा करोड़ रुपये स्कूल प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग को दिए हैं, लेकिन पैसा जारी होने के बावजूद कार्य नहीं हो रहा है। स्कूल के प्रधानाचार्य ग्रुप कैप्टन अमित कुमार पॉल ने बताया कि आर्थिक तंगहाली के चलते स्कूल में समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। एमओयू आज तक साइन नहीं हुआ है। समस्याओं को उच्च अधिकारियों के समक्ष पत्राचार के माध्यम से पहुंचा दिया गया है। स्कूल उप प्राचार्य जसकरण सिंह परमार ने बताया कि 2 सप्ताह पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से शिमला में मिले थे। समस्या को लेकर उन्हें अवगत करवाया है, शीघ्र हल होने की उम्मीद है।