हमीरपुर। डिजिटल दौर में किताबों से दूर होते विद्यार्थियों को फिर से पढ़ाई से जोड़ने के लिए स्कूल स्तर पर विशेष पहल की जाएगी। इसका उद्देश्य बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करना है, ताकि वे सामान्य ज्ञान, साहित्य, विज्ञान, कहानियों और प्रेरणादायक व्यक्तित्वों से परिचित हो सकें।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शिक्षा विभाग ने इस दिशा में नई शुरुआत की है। इसके तहत स्कूलों में बैग फ्री डे के दौरान पुस्तक प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी, जहां विद्यार्थी अपनी रुचि की किताबों से परिचित हो सकेंगे।
प्रदर्शनियों में स्कूल पुस्तकालय की सभी पुस्तकों को स्टॉल के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे छात्र अपनी पसंद के अनुसार पुस्तकें चुनकर पढ़ सकें। साथ ही विद्यार्थियों को किताबें घर ले जाने की सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे घर पर भी अध्ययन जारी रख सकें।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों में पुस्तकों के प्रति रुचि बढ़ाना है। बैग फ्री डे पर कहानी वाचन, पुस्तक परिचर्चा और पठन प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। शिक्षकों को भी विद्यार्थियों को पुस्तकालय के अधिक उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए हैं।
डिजिटल युग में बढ़ती स्क्रीन निर्भरता के बीच यह कदम विद्यार्थियों की भाषा क्षमता, रचनात्मक सोच और कल्पनाशक्ति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कोट
समय के अनुसार में स्कूलों पुस्तकालयों को और समृद्ध किया जाएगा और विद्यार्थियों की आयु और रुचि के अनुसार नई किताबें उपलब्ध करवाई जाएंगी, ताकि पढ़ाई के साथ-साथ पढ़ने की संस्कृति भी विकसित हो सके।
-राजेश भाटिया, कार्यकारी उपनिदेशक, उच्च शिक्षा विभाग हमीरपुर