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दशहरे पर कोरोना का असर, इस बार समताना में जला महज 15 फीट का पुतला

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बिझड़ी/नादौन/हमीरपुर। जिला में इस बार दशहरे पर कोरोना का असर दिखा। इस बार जिला मुख्यालय और सुजानपुर चौगान में पुतला दहन नहीं हुआ। वहीं नादौन, हमीरपुर सहित अन्य जगह रामलीला का मंचन नहीं हो पाया। जिला के सुप्रसिद्ध शिवपुरी धाम समताना में भी इस बार 120 फीट के पुतले की बजाय रावण का महज 15 फीट का ही पुतला फूंका गया। वहीं कुंभकर्ण और मेघनाद के 90 फीट की बजाय दस-दस फीट के पुतले जलाए गए। शिवपुरी धाम समताना मंदिर के महंत शेखर सुमन ने बताया कि अब की बार कोरोना की वजह से सूक्ष्म कार्यक्रम ही किया गया। समताना में मनाया जाने वाला दशहरा प्रदेश भर में प्रसिद्ध है। मंदिर कमेटी के प्रधान जनकराज ने बताया कि अबकी बार सिर्फ 15 फीट का रावण और 10-10 फीट के मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतले जलाए गए। उधर, हमीरपुर बाजार में दशहरे के बाद आने वाले रविवार को पुतला जलाया जाता था, लेकिन इस बार दशहरे के दिन ही रविवार होने के बावजूद पुतला नहीं जलाया गया।
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इस बार रामलीला का भी आयोजन नहीं किया गया। नादौन की ऐतिहासिक रामलीला का आनंद इस बार पूरे उपमंडल क्षेत्र की जनता कोविड-19 के चलते नहीं ले पाई। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष सम्मी सोनी ने बताया कि नादौन की रामलीला का आरंभ नादौन रियासत कटोच वंश द्वारा शुरू किया गया था। जिसका आनंद लेने के लिए पूरे नादौन उपमंडल की जनता आती थी। इस बार ऐसा नहीं हो पाया। वहीं रावण का पुतला दशहरे को जलाया गया। इस अवसर पर रामलीला कमेटी के सदस्य राजेश्वर परिहार, हैपी, काका भाटिया, मधुकर सोनी, विनोद अवस्थी, सीटू डोगरा, निष्पक्ष भारती सहित अन्य उपस्थित रहे।
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