जिलाभर के स्कूलों में आयोजित होंगे जागरूकता शिविर
स्कूल परिसरों के बाहर भी नशा निवारण के लगाए जाएंगे संदेश
विद्यार्थियों को नशे के प्रति जागरूक करने के लिए किया जाएगा कार्य
जागरूकता शिविर में महान हस्तियां करेंगी विद्यार्थियों की काउंसलिंग
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिले में बढ़ते नशे के मामलों को लेकर अब स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए जागरूकता शिविरों का आयोजन होगा। इनमें स्कूल स्तर पर गठित नशा निवारण कमेटियां स्कूल के बाहर नशा निवारण संदेश और दुकानदारों को मादक पदार्थ न बेचने के प्रति जागरूक करेंगी। शिक्षा विभाग हमीरपुर ने जिलाभर के स्कूल प्रमुखों को विद्यार्थियों के लिए जागरूकता शिविर और नशा निवारण पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित करवाने के निर्देश जारी किए हैं ताकि विद्यार्थियों को बढ़ते नशे के प्रचलन से बचाया जा सके। स्कूलों में विभिन्न क्षेत्रों की महान हस्तियों को बुलाकर माह में एक बार जागरूक सत्र आयोजित होगा। सत्र में महान हस्तियां विद्यार्थियों को भविष्य निर्माण में उपयोगी सामग्री के साथ आगामी भविष्य में फील्ड चुनाव के प्रति जागरूक करेंगी।
इससे विद्यार्थियों को कॅरिअर चुनाव में भी सहायता मिलेगी। बीते वर्ष एनआईटी हमीरपुर में नशे की ओवरडोज के कारण हुई छात्र की मौत और अब बड़सर में नशा कर रहे युवाओं की वीडियो वायरल होने के बाद अभिभावकों की मांग पर शिक्षा विभाग ने जागरूकता शिविरों का आयोजन करने का निर्णय लिया है। जिन स्कूलों में संसाधनों की कमी होगी, वहां अन्य सहयोगी स्कूलों से सामग्री लेकर शिविरों का आयोजन होगा। हालांकि, इससे पूर्व शिक्षा विभाग की ओर से जिला प्रशासन के सहयोग से बीते सत्र से स्कूलों में यूरिन ड्रग टेस्ट किट अभियान शुरू किया गया था। बाद में अभिभावकों की असहमति के चलते शिक्षा विभाग ने स्कूलों में एक सामान कमेटियों का गठन किया है। नशा निवारण कमेटियों में स्कूल से एक-एक महिला और पुरुष शिक्षक विद्यार्थियों के लिए कक्षानुसार जागरूकता काउंसलिंग सत्रों का आयोजन करेंगे। इस के बाद सत्रों की ऑनलाइन रिपोर्ट उपनिदेशक कार्यालय में जमा होगी। वहीं, जो स्कूल नियमों के अनुसार कार्य नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस बारे में उच्चतर शिक्षा विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक अनिल कौशल ने कहा कि जिलेभर में बढ़ते नशे के मामलों को कम करने और विद्यार्थियों को नशे के प्रति जागरूक करने के लिए जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों के साथ स्कूलों में गठित नशा निवारण कमेटियां विद्यार्थियों के काउंसलिंग सत्र भी आयोजित करेंगी। इससे विद्यार्थियों को नशे के प्रति जागरूक होने में सहायता मिलेगी।