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Hamirpur (Himachal) News: वाहन चालक बेबस... लावारिस पशु तय कर रहे यातायात की रफ्तार

Wed, 22 Apr 2026 12:30 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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जाहू-घुमारवीं सड़क मार्ग पर लावारिस पशु। संवाद
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भरेड़ी (हमीरपुर)। भोरंज उपमंडल के जाहू क्षेत्र में इन दिनों सड़कों पर एक अलग ही व्यवस्था देखने को मिल रही है यहां न ट्रैफिक पुलिस की चलती है, न नियमों की बल्कि लावारिस पशु ही तय करते हैं कि रास्ता कब खुलेगा। सुबह-शाम सड़क पर पशु झुंड ऐसे खड़े हो जाते हैं कि वाहन चालकों के पास रुकने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।
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मुंडखर पुल और जाहू बाईपास में जगह-जगह पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे यातायात बार-बार बाधित हो रहा है। वहीं, तलाई और लदरौर का बाड़ी चौक भी इसी समस्या से जूझ रहा है। लोगों को कहना है कि पशुओं के कारण लग रहे जाम में उनके जरूरी काम छूट रहे हैं।

इसके अलावा पट्टा और कड़ोहता में भी दिनभर पशु सड़क पर डेरा डाले रहते हैं। सुबह और शाम के समय हालात और भी बिगड़ जाते हैं, जब अचानक सड़क पर आ जाने से वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। यही स्थिति मनोह क्षेत्र में देखने को मिल रही है।
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वाहन चालक राजकुमार, पवन कुमार, चमेल सिंह, संजीव कुमार, मनोज कुमार, त्रिलोक चंद, परसराम, बनारसी राम, संजू, सक्षम, संजय व विक्की ने बताया किरोजाना काम पर जाते समय पांच से दस मिनट तक जाम में फंसना आम बात हो गई है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक है, क्योंकि कई बार पशुओं के कारण वाहन असंतुलित होकर गिर जाते हैं।



फसलाें को भी पहुंचा रहे नुकसान

खेत भी इन पशुओं से अछूते नहीं हैं। गेहूं की तैयार फसल को नुकसान पहुंच रहा है, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि लावारिस पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में रखा जाए और इस समस्या से निजात दिलाने के लिए ठोस नीति बनाई जाए।



लावारिस पशुओं की गंभीर समस्या है। कभी जाहू जाना तो पांच से दस मिनट इन पशुओं के चलते खराब हो जाते हैं। इन पशुओं को गोशालाओं में पनाह देनी चाहिए।-कमलजीत, निवासी नगरोटा



लावारिस पशुओं के चलते दोपहिया वाहन कई बार असंतुलित होकर गिरे हैं। पशु कभी-कभी तो मारने के लिए भी उतारू हो जाते हैं। समस्या का स्थाई समाधान आवश्यक है।-राकेश कुमार, निवासी पट्टा

दिन के समय तो पशु दिख जाते हैं लेकिन रात के समय इन्हें देखना मुश्किल होता है। सरकार को गोशालाओं की संख्या बढ़ानी चाहिए। इन्हें पकड़कर गोशालाओं में रखना चाहिए। -मेहर सिंह, निवासी कड़ोहता

गेहूं की फसल सूख गई है। खेतों में पहुंचकर पशु फसल को भी नष्ट कर रहे हैं। किसान की सारी मेहनत नष्ट हो रही है।-अशोक कुमार, निवासी जाहू



लावारिस पशुओं के लिए गोशालाएं बनाई गई हैं। लोग इस संबंध में अपने नजदीकी पशु चिकित्साधिकारी से संपर्क करें, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके। सतीश कपूर, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग भोरंज
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