बंद पड़े विद्यालयों को आंगनबाड़ी या सामाजिक केंद्र में परिवर्तित करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
नादौन (हमीरपुर)। उपमंडल नादौन के तरकेड़ी गांव का प्राथमिक विद्यालय दो वर्षों से बंद पड़ा है। अभी तक स्कूल भवन को किसी भी विभाग को नहीं सौंपा गया है। अनदेखी के चलते स्कूल भवन लगातार जर्जर हो रहा है और सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है। राजकीय प्राथमिक पाठशाला तरकेड़ी के सभी चार कमरों के दरवाजे टूटने पर समस्त ग्रामवासियों ने चिंता जताई है। हर वर्ष गांव के लोग सामूहिक भंडारे का आयोजन करते हैं, जो विद्यालय के साथ लगते सार्वजनिक भवन में किया जाता है। इस दौरान जब ग्रामवासी स्कूल भवन के आसपास भी साफ सफाई करने लगे तो उन्होंने पाया कि विद्यालय के सभी कमरों के दरवाजे टूटे हुए हैं। शातिरों ने दरवाजे ही तोड़ दिए हैं। यह प्राथमिक विद्यालय प्राथमिक विद्यालय बटराण के अंतर्गत आता है। इससे पूर्व भी विद्यालय में नशा करने वालों की आवाजाही रहती थी, परंतु ग्रामवासियों के सामूहिक बहिष्कार से यह कार्य एक वर्ष से बंद हो गया था। ग्रामवासियों ने मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग से भी आग्रह किया है कि वह इस विद्यालय भवन को आंगनबाड़ी, महिला मंडल, युवक मंडल अथवा ग्राम सुधार सभा को समर्पित कर दें, ताकि इस भव्य भवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस बारे में प्रारंभिक शिक्षा विभाग हमीरपुर के उपनिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि बंद पड़े स्कूलों की रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी गई है। स्कूल भवनों को लेकर फैसला जिला प्रशासन की ओर से किया जाएगा।