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Hamirpur (Himachal) News: बड़सर में बस अड्डे के लिए दान भूमि की साइट दो दशक बाद रिजेक्ट

Thu, 19 Mar 2026 01:06 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
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बड़सर (हमीरपुर)। लंबे समय से बड़सर में बस अड्डे के निर्माण की उम्मीदें पाले बैठे लोगों को बड़ा झटका लगा है। बड़सर में बनने वाले बस अड्डे के निर्माण के लिए दान दी गई भूमि को विभागीय अधिकारियों ने तकनीकी और वित्तीय कारणों का हवाला देते हुए रद्द कर दिया है।
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अब बस अड्डे के लिए नई जगह जमीन की तलाश की जाएगी। बड़सर-मैहरे क्षेत्र में बस अड्डा निर्माण 25 वर्षों से अधर में लटका हुआ है। वर्ष 2020 में स्थानीय लोगों द्वारा 24 कनाल भूमि दान दी थी। हाल ही में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में इसे अस्वीकार कर दिया गया।

वर्ष 2002 में मैहरे बाजार कमेटी के तत्कालीन प्रधान कैप्टन खारियाल ने तत्कालीन भाजपा सरकार से बस अड्डा निर्माण की मांग उठाई थी। वर्ष 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने बस अड्डे का शिलान्यास भी किया। चयनित स्थान होने के बावजूद आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। अब उस जमीन को अन्य विभाग के नाम किए जाने की योजना पर विचार हो रहा है, जहां पर सरकारी आवास बनाए जाने की योजना है।
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बड़सर को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बावजूद यहां बस अड्डे की सुविधा न होना बड़ी समस्या बना हुआ है। चारों ओर से आने वाली बसें राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही रुकती हैं, जिससे यात्रियों को प्रतीक्षालय, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में परेशानी झेलनी पड़ती है।
बाजार कमेटी के पदाधिकारियों प्रधान राज कुमार विज, उपप्रधान सतीश राठौर, राज कुमार शर्मा तथा टैक्सी यूनियन के जिला प्रधान अनिल शर्मा ने कहा कि बड़सर-मैहरे क्षेत्र में जल्द से जल्द बस अड्डे का निर्माण होना चाहिए।



बॉक्स



लोगों ने दिया सुझाव



मैहरे में वन निगम के पास उपलब्ध 10-15 कनाल भूमि, जो नगर पंचायत के केंद्र में स्थित है, बस अड्डे के लिए उपयुक्त हो सकती है। जमीन को हस्तांतरित कर निर्माण किया जाए, तो बाजार के बीचों-बीच यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।




बस अड्डे के लिए सहायक न्यायवादी कार्यालय के पास भूमि चयनित की गई थी। अधिकारियों की कमेटी ने निरीक्षण भी किया था। हाल ही में सरकार ने उस स्थान को तकनीकी और वित्तीय दृष्टि से अनुपयुक्त मानते हुए अस्वीकार कर दिया है। अब नई जमीन की तलाश की जा रही है। -इंद्रदत्त लखनपाल, विधायक बड़सर



वर्ष 2011 में उनकी सरकार के समय बिजली बोर्ड से जमीन ट्रांसफर कर बस अड्डा निर्माण के लिए स्वीकृति और बजट भी दिया गया था। वर्ष 2012 के बाद आई सरकार इस परियोजना को आगे नहीं बढ़ा सकी। -बलदेव शर्मा, पूर्व विधायक, बड़सर



लोगों द्वारा दान की गई भूमि को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने तकनीकी और वित्तीय कारणों से अस्वीकार कर दिया है। अब नई भूमि की तलाश जारी है। उपयुक्त स्थान उपलब्ध होने पर बस अड्डा निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। -राहुल कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, एचआरटीसी हमीरपुर
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