हमीरपुर। जिले में भाजपा के संगठन के चुनावों में ठाकुर और ब्राह्मण नेताओं का दबदबा रहा है। जिलाध्यक्ष से लेकर मंडल अध्यक्ष के चुनाव में ठाकुर और ब्राह्मण ही आगे रहे हैं।
दस भाजपा मंडल अध्यक्षों की सूची से आधी आबादी यानी महिलाएं भी नदारद ही रही हैं। भाजपा की सरकारों की ओर से पंचायतों से लेकर विधानसभा चुनावों में महिलाओं को आरक्षण की पैरवी की जाती है, लेकिन अपने ही संगठन के चुनाव में महिलाओं को एक भी मंडल की कमान नहीं सौंपी गई है। इसके अलावा एससी और ओबीसी वर्ग को मंडल की अगुआई करने का मौका नहीं मिला है।
पार्टी नेताओं का तर्क है कि विभिन्न मोर्चों पर सभी वर्गों के कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाएगा, लेकिन सवाल यह है कि जिले में मंडलों की संख्या दोगुना होने के बावजूद आखिर क्यों इन वर्गों को मुख्य संगठन में जगह नहीं मिल पाई।
ब्राह्मण वर्ग में गलोड़ से राकेश शर्मा, बड़सर से संजीव शर्मा और हमीरपुर के शहरी मंडल से श्रीपाल शर्मा को अध्यक्ष चुना गया, जबकि इसके अलावा टौणीदेवी से विक्रम, सुजानपुर से जसवंत, समीरपुर से अभयवीर, भोरंज से अशोक ठाकुर, नादौन से वीरेंद्र पठानिया, ढटवाल से यशवीर पटियाल और हमीरपुर ग्रामीण से जसवीर सभी राजपूत वर्ग से ताल्लुक रखते हैं।
हमीरपुर विस क्षेत्र में आशीष शर्मा का चला सिक्का
जिले में पांच विधानसभा क्षेत्रों के दस मंडलों में से हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र इकलौता है, जहां दोनों मंडलों के अध्यक्ष नए चेहरे चुने गए हैं। बड़सर और सुजानपुर की तरह यहां पर खूब सियासी खींचतानी पार्टी के कार्यकर्ताओं में हुई, लेकिन आखिरकार विधायक आशीष शर्मा के करीबियों के नाम पर पार्टी हाईकमान ने मुहर लगाई है। बड़सर और सुजानपुर में एक-एक मंडल में नया और एक-एक मंडल में पुराने अध्यक्ष को रिपीट किया गया है।
कोट
विभिन्न मोर्चों के गठन में सभी वर्गों को संगठन में दायित्व दिए जाएंगे। पार्टी हाईकमान पार्टी कार्यकर्ताओं को मेरिट पर दायित्व सौंपती है। महिला वर्ग को महिला मोर्चा में पूर्ण मौका मिलेगा।
-राकेश ठाकुर, जिलाध्यक्ष हमीरपुर भाजपा