हिमाचल मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन के आह्वान पर क्षेत्रीय अस्पताल के चिकित्सक सामूहिक अवकाश पर रहे। इससे सोमवार को दिन भर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। रोगियों को बिना उपचार के घर लौटना पड़ा। दोपहर बाद सभी चिकित्सक अस्पताल के मुख्य गेट पर एकत्रित हुए।
यहां चिकित्सकों ने मांगों को लेकर चर्चा की। साथ ही सरकार से मेडिपर्सन एक्ट को लागू करने की मांग की। एसोसिएशन के महासचिव डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा ने कहा कि अगर सरकार ने समय रहते मेडीपर्सन एक्ट को लागू कर दिया होता तो ऊना में चिकित्सक की मौत नहीं होती।
उन्होंने कहा कि सरकार घटना का मामूली करार दे रही है लेकिन इसे एसोसिएशन कभी भी बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों के आंदोलन की रूपरेखा उन्होंने तीन दिन पहले ही सरकार को भेज दी थी, इसके बावजूद सरकार ने चिकित्सकों की मांगों को नजर अंदाज किया।
पुष्पेंद्र ने कहा कि जब तक सरकार मेडी पर्सन एक्ट को लागू नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सामूहिक अवकाश के बाद 24 जनवरी से दो फरवरी तक अस्पताल में काले बिल्ले लगाकर सेवाएं देंगे।
3 फरवरी से 12 फरवरी तक सभी चिकित्सक दो घंटे की हड़ताल पर रहेंगे। चिकित्सकों के आंदोलन के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों, इसके लिए चिकित्सक आपातकालीन सेवाएं सुचारु रखेंगे।
इस मौके पर मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन हमीरपुर के अध्यक्ष डॉ. संजय रणौत, सचिव डॉ. धीरज, डॉ. नीरज, डॉ. रमेश चौहान, डॉ. संजीव शर्मा, डॉ. रविदत्त, डॉ. विवेक बन्याल, डॉ. राजकुमार, डॉ. शालिनी हांडा, डॉ. अभिषेक कंवर, डॉ. रेशम सिंह, डॉ. राजेंद्र भारद्वाज और डॉ. प्रवीण शर्मा आदि मौजूद रहे।