संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। पेपर लीक के आरोपों के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने नीट यूजी परीक्षा रद्द कर दी है। परीक्षा रद्द होने से छात्र-छात्राओं में निराशा का माहौल है, वहीं शिक्षाविदों और अकादमी संचालकों ने एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों का कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से कठिन मेहनत कर रहे थे, लेकिन पेपर लीक की घटनाओं ने उनकी मेहनत और भरोसे को झटका पहुंचाया है। छात्रों के अनुसार बार-बार होने वाली गड़बड़ियों के कारण मानसिक तनाव बढ़ा है और परीक्षा प्रणाली पर उनका विश्वास कमजोर हुआ है।
अभिभावकों ने भी इस मामले पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि बच्चों ने कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच लगातार मेहनत की, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं ने उनके भविष्य को अनिश्चितता में डाल दिया है।
वहीं, शिक्षा विशेषज्ञों और अकादमी संचालकों का मानना है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी को अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों और तकनीकी उपायों को अपनाना चाहिए था। उनका कहना है कि यदि समय रहते कड़ी निगरानी और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाती है, तो ऐसी स्थिति से बचा जा सकता था।
शिक्षा विशेषज्ञों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने विद्यार्थियों का मनोबल कमजोर किया है।
डॉ. नवनीत शर्मा, डायरेक्टर, चाणक्य द गुरु
डॉ. नवनीत शर्मा, डायरेक्टर, चाणक्य द गुरु