डीसी हमीरपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन देेने के दौरान दिव्यांग सहित अन्य। स्रोत : जागर
हमीरपुर। दिव्यांगजनों को निःशुल्क यात्रा सुविधा प्राप्त करने हेतु हिम बस कार्ड बनवाना अनिवार्य किया गया है। इस निर्णय का प्रदेशभर के दिव्यांगजनों, सामाजिक संगठनों और हिमाचल प्रदेश व्हीलचेयर क्रिकेट टीम ने कड़ा विरोध किया है।
हमीरपुर के दिव्यांग प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त हमीरपुर के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजा है। जिला दिव्यांग समीक्षा समिति के सदस्य एवं हिमाचल प्रदेश व्हीलचेयर क्रिकेट टीम के डायरेक्टर राजन कुमार ने बताया कि यह निर्णय दिव्यांगजनों पर अनावश्यक आर्थिक एवं प्रशासनिक बोझ डालता है। सरकार को दिव्यांगजनों से जुड़ी किसी भी नीति पर निर्णय लेने से पूर्व दिव्यांग समीक्षा समितियों से विचार-विमर्श करना चाहिए।
केंद्र सरकार द्वारा जारी यूडीआईडी पहले से ही देशभर में एकीकृत पहचान पत्र के रूप में मान्य है। ऐसे में हिम बस कार्ड की अतिरिक्त अनिवार्यता न केवल दिव्यांग अधिकार अधिनियम, 2016 की भावना के विपरीत है, बल्कि यह संवैधानिक समानता एवं सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का भी उल्लंघन है। यदि सरकार दिव्यांगजनों को सामान्य व्यक्तियों के समान कार्यक्षम नहीं बना सकती, तो कम से कम उन्हें वे सुविधाएं और सम्मान तो देना चाहिए, जिसके वे हकदार हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। दिव्यांगजनों को यात्रा सुविधा केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त यूडीआईडी कार्ड के माध्यम से ही प्रदान की जाए। सरकार ने इस पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो दिव्यांग समुदाय अपने अधिकारों की रक्षा हेतु वैधानिक मार्ग अपनाने को बाध्य होगा।