लदरौर (हमीरपुर)। यात्रियों को बारिश और तेज धूप से राहत देने के लिए सड़क किनारे बनाई गई वर्षा शालिकाएं अब परेशानी का कारण बन गई हैं। बजडौह और जाहू क्षेत्र में कई वर्षा शालिकाओं की हालत जर्जर हो चुकी है।
कमजोर ढांचे, बाहर निकले सरियों और आसपास उगी झाड़ियों के कारण यहां बस का इंतजार करना भी जोखिम भरा हो गया है। बस्सी से अवाहदेवी वाया बैलग सड़क मार्ग पर बजडौह के समीप बनी वर्षा शालिका लंबे समय से बदहाल है।
इस मार्ग पर रोजाना बसों की आवाजाही होती है और आसपास के लोग सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं। ऐसे में बस के इंतजार के दौरान यात्रियों के लिए यह वर्षाशालिका महत्वपूर्ण सहारा है, लेकिन इसकी मौजूदा हालत चिंता का कारण बनी हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार वर्षा शालिका का ढांचा कई जगह से कमजोर हो चुका है और छत सहित अन्य हिस्सों से सरिये बाहर निकले हुए हैं। उन्होंने लोक निर्माण विभाग से वर्षाशालिका का निरीक्षण करवाकर जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। साथ ही आसपास उगी झाड़ियों की कटाई और सफाई करवाने का आग्रह किया है।
आसपास उगी झाड़ियां, यात्री सड़क किनारे खड़े होने को मजबूर
वर्षा शालिका के आसपास झाड़ियां इतनी बढ़ गई हैं कि यहां सांप और अन्य जहरीले जीवों का डर बना रहता है। बारिश के मौसम में यह खतरा और बढ़ जाता है। यही वजह है कि कई यात्री शालिका के भीतर बैठने के बजाय सड़क किनारे खड़े होकर बस का इंतजार करने को मजबूर हैं। तेज बारिश में यात्री मजबूरी में वर्षा शालिका का सहारा लेते हैं, लेकिन जर्जर ढांचा और झाड़ियों के कारण उन्हें हर समय अनहोनी की आशंका सताती रहती है।
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वर्षा शालिका की हालत खराब होने से सबसे ज्यादा परेशानी बारिश के दौरान होती है। तेज बारिश में यात्री सुरक्षित स्थान की तलाश करते हैं, लेकिन शालिका की जर्जर स्थिति उन्हें वहां रुकने से रोकती है। गर्मी और तेज धूप में भी यात्रियों को पर्याप्त राहत नहीं मिल पाती।
-रत्न चंद, निवासी लंबलू
हादसा होने के बाद व्यवस्था सुधारने के बजाय समय रहते जर्जर वर्षा शालिकाओं की सुध ली जानी चाहिए। यदि ढांचा कमजोर है तो उसकी मरम्मत या आवश्यकतानुसार पुनर्निर्माण किया जाए, ताकि यात्रियों को बस का इंतजार करते समय सुरक्षित आसरा मिल सके।
-रेलू राम, निवासी पलासी
कोट
मामला ध्यान में आया है। जल्द ही वर्षा शालिकाओं की मरम्मत करवा दी जाएगी। लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
-जयपाल नायक, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग भोरंज
रेलू राम, निवासी पलासी
रेलू राम, निवासी पलासी
रेलू राम, निवासी पलासी