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Hamirpur (Himachal) News: कुणाह खड्ड पर बनेगी डायक वाल, पेयजल योजनाओं को मिलेगा संबल

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रंगस क्षेत्र के तहत नियाटी मझोट जल परियोजना। संवाद
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स्टेट डिजास्टर मिटिगेशन फंड के तहत 1.50 करोड़ रुपये होंगे खर्च
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परकुलेशन वेल रिचार्ज होने से सालभर मिलेगा पर्याप्त पानी
पंकज राणा
रंगस (हमीरपुर)। गर्मियों में पेयजल संकट से जूझने वाले नादौन के कई गांवों को जल्द राहत मिलेगी। उपमंडल की पेयजल योजनाओं को मजबूत बनाने के लिए जल शक्ति विभाग ने विशेष पहल की है। स्टेट डिजास्टर मिटिगेशन फंड (एसडीएमएफ) के तहत कुणाह खड्ड के किनारे स्थित नियाटी मझोट, नौहंगी भूंपल समेत कई पेयजल परियोजनाओं के पास डायक वाल का निर्माण किया जाएगा। करीब 1.50 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना से परकुलेशन वेल रिचार्ज होंगे और क्षेत्र में पेयजल संकट का भी समाधान होगा। निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और बरसात के बाद निर्माण शुरू होगा।
परियोजना के तहत उपमंडल नादौन की नियाटी मझोट, मंजला वन हार, पन्याला रंगस, नौहंगी भूंपल और रैल पेयजल परियोजनाओं के समीप डायक वाल बनाई जाएगी। इससे परकुलेशन वेल में जलभराव बढ़ेगा और पेयजल योजनाओं को सालभर पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा। इसका सीधा लाभ योजनाओं से जुड़े हजारों उपभोक्ताओं को मिलेगा, जिन्हें गर्मियों के दौरान पेयजल किल्लत झेलनी पड़ती थी। इससे पूर्व बड़ा चौड़ू पेयजल योजना में ट्रायल के तौर पर डायक वाल का निर्माण किया जा चुका है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अब इसी मॉडल को अन्य पेयजल परियोजनाओं में भी लागू किया जा रहा है।
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कोट
एसडीएमएफ के तहत नादौन मंडल के नादौन, धनेटा और गलोड़ उपमंडलों की विभिन्न पेयजल परियोजनाओं के पास डायक वाल का निर्माण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भूजल स्तर बढ़ाकर पेयजल स्रोतों को मजबूत करना है।-अमित चौधरी, सहायक अभियंता, जल शक्ति विभाग नादौन
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बाक्स:
ऐसे काम करती है डायक वाल
डायक वाल खड्ड के बहाव वाले हिस्से में चार से पांच फीट ऊंची दीवार के रूप में बनाई जाती है। इससे पानी के बहाव की गति कम हो जाती है और अधिक मात्रा में पानी जमीन के भीतर रिसता है। इससे पेयजल परियोजनाओं के पास बने परकुलेशन वेल तेजी से रिचार्ज होते हैं और भूजल स्तर बढ़ता है। जल भंडारण बढ़ने से पेयजल योजनाओं में पानी की उपलब्धता बनी रहती है और गर्मियों में भी आपूर्ति प्रभावित नहीं होती।
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