जिले में पूरी तरह से ठप पड़ी हैं स्वास्थ्य सेवाएं
सभी अस्पतालों, पीएचसी, सीएचसी में ओपीडी बंद
दूरदराज से आए मरीजों को बिना इलाज के ही भेजा जा रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिला हमीरपुर में चार दिन से स्वास्थ्य सेवाएं ठप हैं। सभी चिकित्सक, प्रशिक्षु चिकित्सक शनिवार से ही पेनडाउन स्ट्राइक पर हैं। इससे मरीजों का मर्ज बढ़ता जा रहा है। सेहत जवाब देे रही है। शनिवार से ही ओपीडी सेवाएं बंद हैं। मरीज बेहाल हो गए हैं लेकिन इलाज नहीं मिल पा रहा। ऐसे में निजी अस्पतालों में भीड़ बढ़ गई है लेकिन जिन मरीजों के पास निजी अस्पतालों की ओर जाने के भी पैसे नहीं हैं वह दर्द से करहा रहे हैं। इलाज नहीं मिल पा रहा। कोलकाता में हुई महिला चिकित्सक की निर्मम हत्या के बाद से ही चिकित्सकों की पेनडाउन स्ट्राइक जारी है। जिले के सभी सिविल अस्पतालों, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर, पीएचसी, सीएचसी केंद्रों में ओपीडी सेवाएं बंद हैं। हर जगह पर नोटिस लगा दिया है कि चिकित्सक हड़ताल पर हैं। दूरदराज के इलाकों से इलाज के लिए आ रहे मरीज नोटिस पढ़ने या अन्य कर्मचारियों की ओर से बताने पर बिना इलाज के मायूस होकर लौट रहे हैं। वहीं, आपातकाल वार्ड के बाहर भी स्थिति खराब है। हर कोई आपातकाल में जाना चाहता है लेकिन वहां पर महज उनका इलाज हो रहा है जिन्हें अति आवश्यकता है। इस बारे में प्रदेश चिकित्सा अधिकारी संघ के जिला अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र सिंह डोगरा, सचिव डॉ. वंक्टेश्वर सिंह रनौत, मेडिकल कॉलेज की रेजिडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रजीत, फैकल्टी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. सुभाष बूनल ने कहा कि कोलकाता में हुई महिला चिकित्सक की निर्मम हत्या निंदनीय है। इसके लिए सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए और चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध करने चाहिए।