मनरेगा मजदूरों को नहीं मिल पा रहा रोजगार, पंचायतों के कार्य भी प्रभावित
विकास खंड कार्यालय में स्टाफ की कमी से आचार संहिता से पहले स्वीकृत कार्य भी नहीं हो पाए शुरू
बीडीओ, पंचायतों में सचिव और तकनीकी सहायकों के पद खाली, जनता को हो रही खासी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिझड़ी(हमीरपुर)। विकासखंड बिझड़ी में सभी पंचायतों में विकास कार्य रुक गए हैं। विकास खंड की 52 पंचायतों में विकास कार्यों को लेकर पंचायत प्रतिनिधि तो चिंतित हैं ही, साथ में दिहाड़ी पर निर्भर रहने वाले मनरेगा मजदूरों को भी रोजी रोटी के लाले पड़ गए हैं। जब से लोकसभा चुनाव और विधानसभा उपचुनावों को लेकर आदर्श चुनाव आचार संहिता लगी है उसी दिन से पंचायतों में जो विकासात्मक कार्य स्वीकृत हो चुके थे वह भी शुरू नहीं हो पाए। वहीं, खंड विकास अधिकारी कार्यालय में कई दिनों से स्टाफ की कमी चल रही है। वर्तमान में एसईबीपीओ, पंचायत निरीक्षक, अकाउंटेंट, क्लर्क के पद रिक्त चल रहे हैंं। इसके अलावा पंचायतों की बात की जाए तो चार तकनीकी सहायक और एक ग्राम रोजगार सेवक का पद खाली चल रहा है। खंड विकास अधिकारी का तबादला भी दो माह पूर्व हो गया था। ऐसी स्थिति में विकास खंड बिझड़ी की 52 पंचायतों और एक नगर पंचायत में विकास कार्यों को ग्रहण लग गया है। पंचायत प्रधान एसोसिएशन के प्रधान संजय शर्मा ने कहा कि इस समस्या को लेकर चुनाव आयोग को भी पत्र लिखकर आग्रह किया गया था कि विकास खंड बिझड़ी में जल्द खंड विकास अधिकारी की नियुक्ति के साथ ही अन्य रिक्त चल रहे आवश्यक पदों को तुरंत भरा जाए ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों। अभी तक बिझड़ी विकास खंड में कार्य रुके पड़े हैं।