पॉलिथीन पर पाबंदी के बावजूद बड़सर क्षेत्र के बाजारों में पॉलिथीन धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा है। बाजारों में पॉलिथीन लिफाफे के बिखरे कचरे से स्वच्छता पर ग्रहण लग रहा है। दियोटसिद्ध मंदिर में चैत्र माह मेलों पर बाहरी राज्यों से आने वाला 80 प्रतिशत सामान डिब्बा बंद कार्टनों और बोरियों में पॉलिथीन सहित आ रहा है।
प्रदेश सरकार कड़ी जांच के लिए कोई नियम नहीं बना पाई है। उपमंडल के तहत बड़सर, दियोटसिद्ध, बिझड़ी, मैहरे, गारली, सलौनी, भोटा में पॉलिथीन का प्रयोग बेरोकटोक किया जा रहा है। कई दुकानदार सामान पॉलिथीन में डालकर बेच रहे हैं, लेकिन प्रशासन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
पॉलिथीन प्रयोग से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गंदगी भरे वातावरण के कारण कस्बे की सुंदरता को ग्रहण लग गया है। इसके अलावा दुकानों में ब्रांडेड गारमेंट भी पॉलिथीन में लिपटे आ रहे हैं, नामी ब्रांडेड कंपनियों के पास पॉलिथीन के अलावा और कोई विकल्प नहीं तलाश पाई हैं।
पॉलीथीन पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद बेखौफ प्रयोग होने से पॉलिथीन हटाओ पर्यावरण बचाओ अभियान कागजों तक सिमट कर रह गया है।
एसडीएम बड़सर अक्षय सूद ने बताया कि पॉलिथीन पर पूर्ण प्रतिबंध है। पॉलिथीन प्रयोग करने वाले कारोबारियों पर जुर्माना किया जाएगा। पॉलिथीन खुले में फेंकने पर बाजार कमेटियों को हिदायत दी जाएगी।