हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज में कोरोना काल में नियुक्त हुए आउटसोर्स कर्मचारियों ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज हमीरपुर परिसर में एकत्रित होकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कॉलेज के प्रधानाचार्य के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन भी भेजा। कोरोना काल में नियुक्त हुए कर्मचारियों आंचल, शिवानी, शैलजा, इंदु, नेहा, अंकिता, पल्लवी, शैलजा, अश्वनी, सुरेश, बलवीर, गौरव, पंकज, राहुल, सुरेश, आशीष आदि ने कहा कि उन्होंने तीन वर्ष पहले उस समय सेवाएं दीं, जब लोग घरों से बाहर निकलने से भी घबरा रहे थे। ऐसे में अब इन्हीं कर्मचारियों के अनुबंध को नहीं बढ़ाया जा रहा है।
वहीं दो माह का वेतन भी अभी तक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार को सोचना चाहिए कि इन व्यक्तियों ने कोरोना काल में कार्य किया है। इसलिए उनके साथ अन्याय न हो। प्रदेश सरकार ने कोरोना काल में नियुक्त हुए कर्मचारियों को आश्वासन दिया था कि उनका अनुबंध 30 दिसंबर तक बढ़ा दिया जाएगा। 30 जून को पुराना अनुबंध खत्म हो गया है लेकिन अभी तक कोई भी लिखित कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में कोरोना काल में नियुक्त हुए कर्मचारियों को अपने भविष्य व अपने परिवार के पालन पोषण की चिंता सताने लगी है। तीन वर्ष सेवाएं देने के बाद अब इन कर्मचारियों के सेवाकाल के अनुबंध को नहीं बढ़ाया जा रहा है। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में 107 के करीब कर्मचारी कोरोना काल में रखे गए थे। इनमें 60 नर्सें, वार्ड ब्यॉय 15, लैब तकनीशियन 12, डाटा एंट्री ऑपरेटर सात व अन्य कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। इस बारे में कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि प्रदेश सरकार को लिखकर भेजा गया था लेकिन अभी तक लिखित में कोई पत्र नहीं मिला है। दोबारा से लिखकर भेजा जा रहा है। जो सरकार का निर्णय होगा, वही अपनाया जाएगा।