संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। प्रदेश अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व अन्य पिछड़ा वर्ग महासंघ ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से शिक्षा निदेशालय हमीरपुर में स्थानांतरित करने की मांग की है।
राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेशाध्यक्ष डॉ. ओंकार सिंह भाटिया ने कहा कि सरकार का यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव के लिए मील का पत्थर साबित होगा और इससे प्रदेश के पिछड़े व गरीब विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने में सहूलियत मिलेगी।
उन्होंने शिक्षा निदेशालय (स्कूल) और शिक्षा निदेशालय (उच्चतर) में से किसी एक निदेशालय, शिक्षा निदेशालय को प्राथमिकता के आधार पर हमीरपुर में शिमला से स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर प्रदेश का केंद्र बिंदु है और यहां पहुंचने के लिए प्रदेश के लगभग हर स्थान से बराबर दूरी है।
यदि शिक्षा निदेशालय को हमीरपुर में लाया जाता है तो इसका संचालन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छात्र या छात्रा में से किसी भी एक पाठशाला भवन से किया जा सकता है, क्योंकि जिला मुख्यालय में स्थित दोनों ही पाठशालाओं का नामांकन बहुत ही कम है और इन दोनों पाठशालाओं का संचालन एक ही पाठशाला से संभव है।
इसके साथ ही हमीरपुर में स्थित राज्य चयन आयोग के भवन में भी अधिकतर कमरे रिक्त पड़े हुए हैं, वहां से भी उक्त कार्यालय को संचालित किया जा सकता है।