125 दिन रोजगार की मांग को लेकर सीटू कार्यकर्ता रैली निकालते हुए। स्रोत : जागरूक पाठक
भोरंज (हमीरपुर)। ग्रामीण रोजगार कार्ड धारक परिवारों के एक सदस्य को वर्ष में 125 दिन रोजगार देने की मांग को लेकर सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) जिला समिति हमीरपुर ने सोमवार को खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) भोरंज को ज्ञापन सौंपा।
सीटू ने कहा कि केंद्र सरकार ने मनरेगा कानून के स्थान पर विकसित भारत ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन (गारंटी) लागू किया है। इसके तहत रोजगार कार्ड धारक परिवार के एक सदस्य को वर्ष में 125 दिन रोजगार देने का प्रावधान है, लेकिन भोरंज विकास खंड में कई ग्रामीण परिवारों को अभी तक इसका लाभ नहीं मिल पाया है।
सीटू जिला हमीरपुर के अध्यक्ष संतोष कुमार और सचिव जोगिंद्र कुमार ने कहा कि ग्रामीण मजदूरों को रोजगार के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से रोजगार उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया में तेजी लाने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की।
संगठन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और मजदूर परिवार रोजगार योजनाओं पर निर्भर हैं। नियमित काम नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सीटू ने भोरंज विकास खंड की सभी पंचायतों में रोजगार कार्ड धारक परिवारों को निर्धारित 125 दिन का रोजगार उपलब्ध करवाने की मांग की। सीटू जिला समिति ने कहा कि ग्रामीण मजदूरों की मांगों को लेकर ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।