पांच माह बाद भी नहीं हुआ टेंडर
11 वार्डों से लेकर शहर तक खराब पड़ी हैं स्ट्रीट लाइटें
रात्रि समय में राहगीरों, दुकानदारों को झेलनी पड़ रही परेशानी
लोगों ने नगर परिषद से स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कराने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। नगर परिषद हमीरपुर के 11 वार्डों में शाम होते ही अंधेरा पसर रहा है। रात्रि समय में दुकानदारों, राहगीरों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे कि पांच माह पूर्व समाप्त हुए टेंडर को नगर परिषद अभी तक नए सिरे से नहीं करवा पाई है। हमीरपुर शहर के 11 वार्डों में स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत का कार्यभार देख रही कंपनी का अनुबंध 31 मार्च को समाप्त हो चुका है। अनुबंध में लगी कंपनी की ओर से लाइटों के मरम्मत कार्य को पूरा नहीं किया है। ऐसे में वार्डों में लाइटों की समस्या गंभीर बनी हुई है। पूर्व में आचार संहिता अब सुस्त कार्यप्रणाली के चलते नगर परिषद की ओर से लाइटों को लेकर कोई भी कार्य नहीं किया जा रहा है। इसका प्रभाव सीधे तौर पर लोगों पर पड़ रहा है। वार्डों से लेकर शहर तक स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। पिछले एक सप्ताह से वार्डों में अंधेरा छाया हुआ है। मरम्मत कार्य को लेकर विभागीय अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।
शहरवासियों प्रकाश, विपिन, राजेश्वर, रमेश, मुन्ना वर्मा, गोल्डी, अश्वनी, हर्ष वर्धन कालिया आदि ने कहा कि पिछले कुछेक समय से शहर से लेकर वार्डों में स्ट्रीट लाइटों की समस्या विकराल होती जा रही है। मांग करने पर भी नगर परिषद की ओर से लाइटों को ठीक नहीं करवाया जा रहा है। इससे उन्हें परेशान होना पड़ रहा है। बरसात के समय चारों ओर घास उगा रहता है। इससे यहां जहरीले जीव जंतुओं का खतरा अधिक रहता है। वे लंबे समय से लाइटों की मरम्मत करवाने की मांग कर रहे हैं। शहर में बाजार रात आठ से नौ बजे तक खुला रहता है। ऐसे में दुकानदार अपनी दुकानों को बंद करके देर रात घरों तक गलियों से होकर पहुंचते हैं लेकिन रास्ते में लाइटों के खराब होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अंधेरे में गलियों को पार करते समय लावारिस कुत्तों सहित अन्य पशुओं के भी आक्रामक होने का खतरा बना रहता है। उन्होंने नगर परिषद से खराब स्ट्रीट लाइटों की शीघ्र मरम्मत करवाने की मांग की है। इस बारे में नगर परिषद हमीरपुर के अध्यक्ष मनोज मिन्हास ने कहा कि पूर्व में लाइटों के रखरखाव के लिए नगर परिषद की ओर से टेंडर करवाया जाता था लेकिन अब निजी तौर पर सीएलसी के माध्यम से बिजली समस्या के समाधान को लेकर कर्मचारी रखे जाएंगे ताकि वार्डों में स्ट्रीट लाइटों की समस्या का समाधान किया जा सके।