मानसून एक बार फिर लोक निर्माण विभाग के लिए आफत लेकर आने को तैयार है लेकिन पिछली बरसात में जिले की सड़कों को मिले जख्म अब तक नहीं भरे जा सके हैं। हमीरपुर के पांचों उपमंडलों में सड़कों का बुरा हाल है।
जगह-जगह गड्ढे वाहन चालकों को परेशानी कर रहे हैं। बीते साल बरसात में लोनिवि हमीरपुर को 25 करोड़ रुपये का नुकसान झेलना पड़ा। हालांकि, करोड़ों में हुए इस नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार से जिले के लिए महज 65 लाख का बजट मिला है। स्पष्ट ही है कि इतने कम बजट में सड़कों पर लीपापोती ही हो पाई।
भूस्खलन से गिरे डंगे, खस्ताहाल सड़कें एक साल के बाद भी अपनी दयनीय हालत को बयां कर रही हैं। जिले में लोक निर्माण विभाग के दो सर्किल हैं। हमीरपुर सर्किल के अधीन उपमंडल नादौन, हमीरपुर और सुजानपुर जबकि बड़सर के अधीन बड़सर लोकल, धनेटा के अलावा भोरंज का क्षेत्र आता है।
सबसे अधिक नुकसान बरसात के मौसम में सुजानपुर और भोरंज, बड़सर की सड़कों को पहुंचा लेकिन पर्याप्त बजट न मिलने से सड़कें अभी तक खस्ताहाल हैं।
बड़सर डिविजन में पिछले वर्ष भारी बारिश से 120 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई थीं। इसमें बड़सर में 50, भोरंज में 40 और धनेटा में 30 सड़कें क्षतिग्रस्त हुई थीं। भोरंज सब डिविजन में सबसे अधिक नुकसान हुआ था। डिविजन में कुल 9.50 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
- प्रमोद कश्यप, अधिशाषी अभियंता, लोनिवि बड़सर
हमीरपुर डिविजन में पिछली बरसात में 71 सड़कों को नुकसान पहुंचा था। बरसात से 14 करोड़ का नुकसान हुआ, लेकिन सरकार से 65 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली। समय-समय पर सड़कों की मरम्मत की जा रही है।
- एनपीएस चौहान, अधिशाषी अभियंता, लोनिवि हमीरपुर