हमीरपुर। बहुचर्चित भर्ती परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले में दलाल सोहन सिंह को वीरवार को हमीरपुर न्यायालय से जमानत मिल गई। एसआईटी ने उसे 27 मार्च 2023 को गिरफ्तार किया था। सोहन सिंह के खिलाफ पेपर लीक मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज हैं। पहली एफआईआर कंप्यूटर ऑपरेटर और जूनियर ऑडिटर मामले में दर्ज हुई थी। जबकि दूसरी एफआईआर तब दर्ज हुई, जब उसने अपनी पत्नी शैलजा को जेओए आईटी की भर्ती परीक्षा में पास करवाने के लिए पेपर लीक किया। सोहन सिंह भंग हो चुके हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के समीप ढाबा चलाता था। यहां ढाबे पर काम करने के दौरान ही वह आयोग की निलंबित वरिष्ठ सहायक उमा आजाद के संपर्क में आया और भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक मामले में गोरखधंधे में पड़ गया। जेओआईटी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने पर दर्ज एफआईआर में सोहन सिंह की धर्मपत्नी शैलजा भी नामजद थीं और वह भी लंबे समय तक पुलिस और न्यायिक हिरासत में रहने के बाद जमानत पर बाहर आई हैं। एसआईटी ने भंग हो चुके कर्मचारी चयन आयोग से जरूरी रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले रही है। जिसके चलते आरोपियों का बचना मुश्किल है।
उधर, पोस्ट कोड 970 जेई सिविल भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में आरोपी बर्खास्त ट्रैफिक इंस्पेक्टर रवि कुमार, अभ्यर्थी मुकेश कुमार और रणजीत सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई टल गई है। यह तीनों अभी तक अंतरिम जमानत पर हैं। जिसके चलते प्रदेश उच्च न्यायालय ने वीरवार को इन तीनों की अंतरिम जमानत 7 अगस्त तक बढ़ा दी है।
उधर, पुलिस अधीक्षक विजिलेंस राहुल नाथ ने कहा कि दलाल सोहन सिंह को हमीरपुर न्यायालय से जमानत मिल गई है। उन्होंने कहा कि एसआईटी पेपर लीक मामले में बारीकी से काम कर रही है। आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। एसआईटी ने भंग हो चुके कर्मचारी चयन आयोग से जरूरी रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले रही है।