नादौन (हमीरपुर)। लोगों को पार्किंग की सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए पार्किंग का निर्माण घोषणा और बजट के प्रावधान तक सिमट गया है। शहर में प्रस्तावित पार्किंग और बस स्टैंड का निर्माण कार्य अभी तक सिरे नहीं चढ़ा है।
दिन-प्रतिदिन जाम लगने की समस्या निरंतर बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने इसके निर्माण के लिए 25 करोड़ रुपये की राशि भी जारी कर दी है। बस अड्डा नादौन से ज्वाला जी की ओर जाने वाली सड़क पर और होशियारपुर की ओर जाने वाली सड़क पर निरंतर वाहनों का दबाव रहता है। वहीं, जाम से मंगलवार को भी वाहन चालक काफी परेशान हुए।
जाम की चिकचिक अब यहां पर मानों आम हो गई है। नादौन से होकर अन्य जिलों तथा अन्य क्षेत्रों की ओर जाने वाले लोग इस जाम का शिकार बन रहे हैं। लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने लगभग डेढ़ वर्ष पहले ही नादौन बस स्टैंड का विस्तारीकरण कर आधुनिक तरीके से बनाने की घोषणा की है।
इसमें शाॅपिंग कांप्लेक्स सहित पार्किंग की व्यवस्था होने की बात कही है। वर्तमान बस अड्डा का दायरा केवल सात कनाल तक सीमित है। नई योजना के तहत इसका दायरा बढ़ाकर 30 कनाल तक किया जाएगा।
वन विभाग से एनओसी ली जा रही है। एनओसी मिलने के बाद पार्किंग के अलावा नए बस अड्डे का निर्माण भी शुरू कर दिया जाएगा। पार्किंग और बस अड्डे के निर्माण के लिए सरकार ने 25 करोड़ का बजट जारी कर दिया है।
-रमन कुमार, सचिव, नगर परिषद नादौन
बस अड्डे और पार्किंग का निर्माण केवल घोषणा तक ही सीमित है। लोग जहां जगह मिली, वहां पर अपने वाहन खड़े कर देते हैं। इससे दुकानदारी करना भी मुश्किल हो गया है। समय बीतता जा रहा है, लेकिन पार्किंग अभी तक नहीं बनी है।
-कुलदीप कुमार, नादौन निवासी
मुख्यमंत्री की घोषणा से उम्मीद बंधी थी कि शीघ्र ही यहां पर पार्किंग का निर्माण होगा, लेकिन अभी तक निर्माण के नाम पर एक ईंट भी नहीं लगी है। पता नहीं कब इसका कार्य शुरू होगा और लोगों को कब सुविधा मिलेगी।
-सन्नी कुमार, बेला निवासी
यहां पर प्रतिदिन जाम लगना आम बात है। डेढ़ वर्ष पहले यहां पर पार्किंग, बस अड्डे के निर्माण की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक कोई भी कार्य शुरू नहीं हो पाया है। प्रशासन और नगर परिषद को चाहिए कि वह इस ओर ध्यान दे।
-संजीव कुमार, नादौन निवासी
घोषणाएं केवल फाइलों में बंद हैं। धरातल पर कोई भी घोषणा नहीं उतरी है। जाम से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार मरीज भी इस जाम में फंस जाते हैं। वाहनों को खड़ा करने के लिए कोई विशेष स्थान निश्चित नहीं है।
-सुनील कुमार, नादौन निवासी
सुनील कुमार
सुनील कुमार
सुनील कुमार
सुनील कुमार