सरकारी राशन को अवैध रूप से बेचने के तीन दोषियों को न्यायालय ने 3-3 माह के कठोर कारावास की सजा और प्रत्येक को 10 हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई है।
जेएमआईसी कोर्ट नंबर दो की न्यायाधीश मोनिका सोंबल ने दोषियों को सजा सुनाई है। सहायक जिला न्यायवादी राजीव शर्मा ने बताया कि 15 मार्च 2008 को जाहू पुलिस ने कस्बे के समीप नाकेबंदी कर रखी थी। इस दौरान तरक्वाड़ी की तरफ से एक तेज रफ्तार में ट्राला आया।
पुलिस ने ट्राले को जांच के लिए रोका। चेकिंग के दौरान ट्राले में 30 बोरी सरकारी चावल पाए गए। पूछताछ पर ट्राले में सवार दीप कुमार ने चावल की बोरियों को अपना बताया। छानबीन में पाया गया कि संबंधित चावल की बोरियां करियाली सोसायटी के सेल्समैन कुलदीप कुमार ने अवैध रूप से दीप चंद को बेची हैं।
जांच के दौरान बतैल में स्थित हरीश कुमार की दुकान से भी सरकारी चावल और दालें बरामद हुईं। इसके बाद मामला न्यायालय में पहुंचा। न्यायाधीश मोनिका सोंबल ने सेल्समैन कुलदीप कुमार निवासी कोट लांगसा तहसील भोरंज, दीप कुमार निवासी बजड़ोह तहसील भोरंज और हरीश कुमार निवासी बतैल तहसील सरकाघाट जिला मंडी को दोषी करार देते हुए तीन तीन माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही, तीनों को 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट में मामले को लेकर 37 सरकारी गवाह पेश किए गए। मामले की तफ्तीश सहायक जिला न्यायवादी राजीव शर्मा ने की।