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थाने ले जाकर मां के सामने नाबालिग को बेरहमी से पीटा

Tue, 30 May 2017 12:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
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पुलिस थाना हमीरपुर के बाहर एक नाबालिग युवक को घसीटते हुए भीतर ले जाकर आधा दर्जन पुलिस वालों ने मां के सामने बर्बरतापूर्ण पिटाई कर दी। एक पुलिस जवान ने नाबालिग की हाथों की उंगलियों को तोड़-मरोड़ दिया तो अन्यों ने लात-घूसे बरसाए। थाने में मौजूद हर किसी ने नाबालिग को इतनी बेरहमी से पीटा जैसे वह कोई संगीन मामले में अपराधी हो।
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पीड़ित युवक की मां का कहना है कि मारपीट में एसएचओ ने भी कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। मारपीट का यह मामला पुलिस थाना के बाहर नो पार्किंग जोन में खड़ी एक स्कूटी को लेकर शुरू हुआ। सुनीता उप्पल ने बताया कि वह पुलिस थाना के समीप एक दुकान करती है। रविवार को उसका 17 वर्षीय बेटा दुकान के बाहर पार्क की गई स्कूटी के समीप खड़ा था। एसएचओ हमीरपुर अपने सरकारी वाहन पर थाना जा रहा था। एसएचओ ने नो पार्किंग जोन में खड़ी स्कूटी को लेकर पूछा। उस समय वह पास में एक दुकान से सब्जी ले रही थी।

पीड़ित युवक जैसे ही स्कूटी हटाने लगा तो एसएचओ ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद कुछ पुलिस वाले गाड़ी से उतरे और बेटे को घसीटते हुए थाने के अंदर ले गए। वह अपने बेटे को बचाने के लिए दौड़ी तो पुलिस वालों ने उसे भी धक्का दे दिया। सुनीता देवी ने कहा कि उसके मुंह के सामने बेटे को बेरहमी से पीटा गया और वह चिल्लाती रही। उन्होंने डीएसपी को फोन पर सारी जानकारी दी।
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डीएसपी लालमन शर्मा मौके पर पहुंचे और उन्होंने उन्हें इंसाफ दिलाने की बात कही। पुलिस ने 100 रुपये की पर्ची काट कर नो पार्किंग जोन का चालान किया। लिखित में पुलिस वालों के खिलाफ शिकायत देने के बाद पीड़ित को हमीरपुर अस्पताल ले जाकर मेडिकल करवाया गया। सुनीता ने कहा कि अगर उसके बेटे को इंसाफ न मिला तो वह इस मामले को मानव अधिकार आयोग लेकर जाएंगी।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हमीरपुर डॉ. शिव कुमार शर्मा ने कहा कि महिला ने शिकायत सौंपी है। डीएसपी हेडक्वार्टर को जांच का जिम्मा सौंपा है। मामले की निष्पक्ष जांच कर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

थाना प्रभारी हमीरपुर कुलदीप कुमार ने कहा कि नो पार्किंग जोन में एक स्कूटी खड़ी थी। जब वहां खड़े युवक से पूछा तो वह बदतमीजी पर उतर आया। कहने लगा कि जो करना है वो कर लो। पुलिस ने सिर्फ चालान किया है जबकि मारपीट का आरोप झूठा है।
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