जिला मुख्यालय से अब एक और कंपनी निवेशकों के लाखों रुपये डकार कर फरार हो गई। करीब दो दर्जन निवेशकों ने इसकी शिकायत सदर थाना में की है। सोनीपत की कंपनी ने हमीरपुर में स्थित गांधी चौक के पास अपना कार्यालय खोला था। कंपनी का हेड सोनीपत (हरियाणा) ऑफिस करीब डेढ़ साल पहले बंद हो गया था, जबकि कंपनी का सर्वर खुला था।
सर्वर खुला होने का लाभ उठाकर हमीरपुर कार्यालय का प्रबंधक लोगों से एफडी के पैसे जमा करता रहा, लेकिन जनवरी में हमीरपुर कार्यालय का प्रबंधक भी कार्यालय पर ताला लटकाकर फरार हो गया।
कंपनी के हमीरपुर स्थित कार्यालय में दो दर्जन से अधिक निवेशकों ने करीब 48 लाख रुपये लगाए थे। कंपनी एफडी और प्लॉट के नाम पर लोगों से पैसा निवेश करवाती थी। हालांकि कंपनी के हेड ऑफिस पर डेढ़ साल पहले ही ताला लटक गया था, लेकिन कंपनी का सर्वर खुला होने के कारण हमीरपुर कार्यालय का प्रबंधक लोगों से एफडी के पैसे लेता रहा।
यहां तक कि प्लॉट के नाम पर भी लोगों से पैसा निवेेश करवाता रहा। इतना ही नहीं कंपनी ने बीते एक साल से किसी भी मिच्योर एफडी का भुगतान नहीं किया है। निवेशकों में बलदेव कुमार ने 17 लाख, विपिन कुमार ने सात लाख रुपये, धनीराम ने तीन लाख रुपये लगाया है, लेकिन कंपनी के एकाएक बंद होने से निवेशकों की नींद उड़ गई है। इस कारण निवेशकों ने पुलिस थाना सदर में मामले की शिकायत की है।
उधर, थाना प्रभारी कुलदीप कुमार का कहना है कि पुलिस के पास शिकायत आई है। मामले की जांच कर छानबीन की जाएगी।