लापरवाही से बस चलाने के दोषी को जेएमआईसी कोर्ट तीन ने छह माह की सजा और 1500 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जेएमआईसी कोर्ट नंबर तीन के न्यायाधीश निशांत वर्मा ने दोषी को सजा सुनाई है।
सहायक जिला न्यायवादी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि 31 जुलाई 2009 को भागीरथ पुत्र प्रभ दयाल निवासी गलोड़ ने शिकायत दर्ज करवाई कि वह निजी बस में सवार होकर जाहू से अपने घर जा रहा था। चालक राजेंद्र कुमार पुत्र अमरनाथ निवासी पांडवीं, मैड़ जिला हमीरपुर बस को तेज रफ्तार में चला रहा था। जब बस बलोखर के पास पहुंची तो चालक ने तेज गति में बस से नियंत्रण खो दिया।
इस दौरान बस अनियंत्रित होकर सड़क की दाहिनी ओर लुढ़ककर पलट गई। हादसे में अन्य सवारियों सहित उसे भी चोटें आईं। पुलिस ने भागीरथ की शिकायत पर मामला दर्जकर कार्रवाई शुरू की। मामला न्यायालय पहुंचा।
यहां न्यायाधीश ने राजेंद्र कुमार को दोषी करार देते हुए भादंस की धारा 279 के तहत छह माह की कैद और एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 337 के तहत छह माह की कैद और 500 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। मामले की छानबीन एएसआई गोविंद राम ने की जबकि पैरवी सहायक जिला न्यायवादी भूपेंद्र सिंह ने की है।