क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में चिकित्सकों की लापरवाही से चार माह की मासूम की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए मामले के निष्पक्ष जांच की मांग की है। बाकायदा मामले की शिकायत परिजनों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री से की है। वहीं अस्पताल प्रबंधन मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है।
सीएमओ और एमओएच मामले से अनभिज्ञता जता रहे हैं, जबकि एमएस मासूम को मृत अवस्था में अस्पताल लाने का हवाला दे रही हैं। मृतक बच्ची के पिता अनिल कुमार निवासी बसंतपुर, सरकाघाट ने कहा कि 22 मार्च को स्वास्थ्य केंद्र टीहरा में उसकी बच्ची को खसरे का टीका लगाया गया। शाम के समय बच्ची को बुखार आ गया।
सुबह तक बच्ची की स्थिति में सुधार न होने पर परिजन उसे क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर ले गए। अस्पताल में चिकित्सक ने बच्ची को दो इंजेक्शन लगाए, लेकिन इंजेक्शन लगाने के बाद बच्ची की तबीयत और बिगड़ गई। इसके चलते चिकित्सक ने दूसरे चिकित्सक को बुलाया और बच्ची के परिजनों को कमरे से बाहर जाने को कहा।
बच्ची की मां ने मासूम को छोड़ कमरे से बाहर जाने का विरोध किया तो चिकित्सक भड़क उठे। इस पर बच्ची की मां बाहर आ गई। कुछ समय बाद चिकित्सकों ने परिजनों से कहा कि उन्हें बच्ची को चंडीगढ़ ले जाना पड़ेगा। चंडीगढ़ भेजने से पहले उन्होंने बच्ची का इसीजी करवाने को कहा, लेकिन 10 मिनट बाद चिकित्सकों ने परिजनों से कहा कि बच्ची की मौत हो गई है।
पिता अनिल कुमार का आरोप है कि चिकित्सकों के ओवरडोज और लापरवाही से उनकी बच्ची की मौत हुई है। 23 मार्च को हुई बच्ची की मौत के बाद अब तक सीएमओ और एमओएच मामले से अनभिज्ञ हैं जबकि एमएस बच्ची को मृत अवस्था में अस्पताल पहुंचाने का हवाला दे रही हैं। मृतक बच्ची के पिता ने मामले की शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर से की है।
साथ ही इसकी प्रति सीएमओ हमीरपुर और बीएमओ संधोल को भी भेजी है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सीएमओ डॉ. सावित्री कटवाल का कहना है कि उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है। इस बारे में एमओएच ही कुछ बता सकते हैं। अगर ऐसा मामला होगा तो मामले की जांच की जाएगी।
एमओएच डॉ. नरेंद्र भारद्वाज का कहना है कि उन्हें बच्ची की मौत के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ही इस बारे में बता सकती हैं।
एमएस डॉ. अर्चना सोनी का कहना है कि 23 मार्च की सुबह बच्ची को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया है।