अग्निकांड में मृतक संतोष कुमार का अंतिम संस्कार।
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हमीरपुर। जिला मंडी के पंडोह डैम के पास पीवीटी गारद में आग लगने के कारण तहसील सुजानपुर की कुठेड़ा पंचायत के डलवाणा ब्राह्मणा के मुख्य आरक्षी संतोष कुमार का चेहरा न तो उनकी बूढ़ी मां देख पाई और न ही पत्नी अपने सुहाग का अंतिम दीदार कर पाई। बच्चे भी अपने पिता के अंतिम दर्शनों से वंचित रहे। संतोष का शरीर आधे से ज्यादा जल चुका था। संतोष की मौत की खबर सुनकर चीख पुकार मच गई। पूरे गांव में मातम छा गया।
संतोष कुमार का शरीर जल चुका था और मां अपने लाडले का चेहरा तक नहीं देख पाई। संतोष कुमार अपने पीछे बूढ़ी मां सूहड़ी देवी, पत्नी प्रवीण कुमारी और दो बच्चे छह वर्षीय बेटा अनिकेत और तीन वर्षीय बेटी पल्लवी छोड़ गए हैं। संतोष वर्ष 2007 में पुलिस में भर्ती हुए थे। रविवार शाम को उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हमीरपुर विजय कुमार सकलानी, एसएचओ सदर संजीव गौतम और स्थानीय पंचायत प्रधान अमन जसवाल मौजूद रहे। प्रधान ने बताया कि संतोष उनके साथ ही पढ़ा था और स्वभाव से दयालू था। उसकी मौत से इलाके में मातम का माहौल है।