हमीरपुर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी और सीटू कार्यकर्ताओं ने बुधवार को हमीरपुर तहसील से गांधी चौक होते हुए उपायुक्त कार्यालय तक महंगाई और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ रैली निकाली और धरना प्रदर्शन किया। सीपीएम राज्य सचिवालय सदस्य कश्मीर सिंह ठाकुर ने कहा कि एक तरफ कोरोना महामारी का जनता पर कहर है। दूसरी तरफ मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों का कहर है। देश की मोदी सरकार लगातार पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में हर दिन बढ़ोतरी कर रही है। जब से देश की सत्ता पर काबिज हुई है, उससे जुड़े हुए संगठन विपक्ष में थे तो यही बीजेपी सड़कों पर उतरकर और नंगा नाच करके पेट्रोल, डीजल और महंगाई की कीमतों के खिलाफ सड़कों को जाम कर देते थे। आज वही लोग सत्ता में आने के बाद मूकदर्शक बने हैं और पेट्रोलियम पदार्थों के बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ कोई बयानबाजी नहीं करते।
पेट्रोलियम पदार्थों के दामों की वृद्धि ने गरीब और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ कर रख दी है। आज महंगाई आजाद भारत के बाद सबसे तेज दर से बढ़ते हुए चरम स्थिति पर पहुंच चुकी है। दूसरी तरफ इस महामारी के दौर में मेहनतकश वर्ग की आमदनी सिकुड़ चुकी है और सरकार रियायतें देने के बावजूद जनता पर महंगाई और अन्य कई तरह के टैक्स थोपे जा रही हैं और डिपुओं में मिलने वाले राशन में भी बेहद कटौती कर दी है।
मोदी सरकार आम जनता की आजीविका पर दुगनी रफ्तार के साथ हमले कर रही है। सरकार से मांग है कि वह इन जन विरोधी नीतियों को वापस ले और महंगाई, रसोई गैस की कीमतों और डीजल-पेट्रोल के दामों में कटौती कर इस महामारी के दौर में आम जनता को राहत पहुंचाए और डीजल और पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए। अन्यथा भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी जनता को लामबंद करते हुए लंबा आंदोलन करेगी।