हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल हमीरपुर में कोविड वार्ड ने काम करना शुरू कर दिया है। वर्तमान में कोविड वार्ड में कुल 26 मरीजों का इलाज चल रहा है। दो मरीज वेंटिलेटर पर हैं और 24 मरीज एनआरएम पर हैं। यह वार्ड बीमार कोविड रोगी के लिए जीवन रक्षक बन गया है और ऐसे गंभीर रोगियों को गहन देखभाल और उपचार प्रदान कर रहा है।
पहले इन्हें डीसीएच नेरचौक और टीएमसी कांगड़ा भेजा जाता था, मगर अब वहां का बोझ भी कम हो गया है। अमर उजाला ने 12 मई के अंक में ऑक्सीजन प्लांट और कोविड वार्ड में वेंटिलेटर के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने अब कोविड वार्ड में वेंटिलेटर स्थापित करने और पाइपलाइन बिछाने का कार्य संपन्न हो गया है। मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चौहान ने कहा कि कोविड वार्ड लगभग अपनी पूर्ण क्षमता से कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि पीएसए संयंत्र को अधिकृत कंपनी की ओर से नियम एवं शर्तों के अनुसार स्थापित किया गया है। प्रमाणन प्रयोगशाला से प्राप्त ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर की शुद्धता की परीक्षण रिपोर्ट के अनुसार यह 93.87 थी। उन्होंने कहा कि मैनिफोल्ड और गैस पाइपलाइन सिस्टम लोक निर्माण विभाग की ओर से स्थापित किए गए हैं। पीएसए संयंत्र और गैस पाइपलाइन प्रणाली दोनों संबंधित निष्पादन एजेंसियों की वारंटी और एएमसी के अधीन हैं।
इस परियोजना का संचालन यह सुनिश्चित करने के बाद किया गया है कि सभी लॉजिस्टिक, मानव-शक्ति, सुविधाएं, उपकरण और मशीनरी सही जगह पर काम करने की स्थिति में हैं। इस कोविड वार्ड में मरीजों के प्रबंधन में एनेस्थीसिया, मेडिसिन, पीडियाट्रिक्स और प्रसूति एवं स्त्री रोग के विशेषज्ञों की एक टीम शामिल है। चिकित्सा अधीक्षक और अस्पताल प्रशासक की देख-रेख में तकनीकी व्यक्तियों की एक टीम वर्तमान समस्याओं और पीएसए संयंत्र और कोविड वार्ड के समुचित कार्य को सुनिश्चित करने के लिए गठित की गई है।