मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के बाहर कोरोना काल में नियुक्त किए गए कर्मचारी धरना प्रदर्शन करते हुए।(स्र
हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में कोरोना काल में नियुक्त किए कर्मचारियों ने मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कोरोना काल में नियुक्त किए कर्मचारियों को प्रदेश सरकार ने अब बाहर का रास्ता दिखाया है। इससे ये कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं। कोरोना काल में नियुक्त किए कर्मचारियों का हर तीन माह बाद अनुबंध पत्र साइन किया जा रहा था। ऐसे में यह अनुबंध 30 सितंबर को खत्म हो गया है। अब यह कर्मचारी बेरोजगार हैं और रोजगार की तलाश में इधर-उधर भटक रहे हैं।
डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में कोरोना काल में नियुक्त कर्मचारी एसोसिएशन के प्रधान सुरेश कुमार, आशीष, अश्वनी, बलवीर, दीक्षा, अंकिता, मीनाक्षी, पल्लवी, शालू, अंकिता, गौरव आदि ने कहा कि मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में 100 से अधिक कोरोना वॉरियर्स ने सेवाएं दी हैं। सरकार ने उनसे ऐसे समय में कार्य करवाया, जिस समय लोग घरों से बाहर निकलने पर भी घबरा रहे थे। ऐसे दौर में भी पूरी मेहनत से कार्य किया व लोगोंं की सेवा की। अब सरकार ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है। ऐसे में उन्हें परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। बिना आमदनी के परिवार का पालन कैसा होगा। उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें दोबारा अस्पताल में नियुक्तियां दे क्योंकि अब इस समय कोई उन्हें रोजगार उपलब्ध नहीं करवाएगा। इसलिए उनकी समस्या का हल किया जाए।