गलोड़/नादौन(हमीरपुर)। उपमंडल नादौन के पन्साई गांव में एक वृद्ध वार्ड पंच की मृत्यु के बाद उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने से लोगों में हड़कंप मच गया है। 75 वर्षीय बुजुर्ग स्थानीय पंचायत का वार्ड पंच था और सेवानिवृत्त फार्मासिस्ट था। वह काफी समय से दमे के रोग से भी पीड़ित बताए जा रहे हैं। पन्साई सहित आसपास के गांवों में लोग उन्हें टांगों के उपचार के लिए अक्सर घर बुलाते रहते थे। यहां तक कि दवाई भी लोग उन्हीं से लेते थे। बीते सोमवार 24 अगस्त को उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, जिस कारण उन्होंने ऊना के घालूवाल में रहने वाली अपनी बेटी और दामाद को पन्साई गांव बुला लिया था। सोमवार को उन्होंने नादौन के गलोड़ व कांगू अस्पताल में अपने स्वास्थ्य की जांच करवाई और मंगलवार 25 अगस्त को वह अपनी पत्नी, बेटी व दामाद सहित ऊना चले गए। जहां उन्होंने ऊना अस्पताल में जांच करवाने के बाद हरोली के पालकवाह अस्पताल में कोरोना का सैंपल करवाया। दुर्भाग्यवश मंगलवार रात को ही करीब 11 बजे उनकी मौत हो गई और रात को ही करीब 2 बजे उनका शव पन्साई गांव पहुंचाया गया।
बुधवार 26 अगस्त को पन्साई गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। वीरवार 27 अगस्त को उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने से लोगों में हड़कंप मच गया। गत रविवार तक वह अपनी दैनिक दिनचर्या के अनुसार काफी लोगों के संपर्क में आ चुके थे। उनका बेटा मस्कट में है। इस संबंध में एसडीएम विजय धीमान ने बताया कि बीएमओ ने पूरी रिपोर्ट बनाकर जमा करवा दी है तथा प्रशासन की ओर से संक्रमित क्षेत्र की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। कांगू व गलोड़ अस्पताल को 24 घंटे के लिए सील कर दिया गया है। उन्होंने आग्रह किया है कि मृतक के संपर्क में आने वाले लोग अपनी जानकारी प्रशासन को दें। गलोड़ के चिकित्सा अधिकारी मोहित डोगरा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जुल्फी राम सर्दी जुकाम के चेकअप के लिए गलोड़ अस्पताल आया था। एक डाक्टर सहित तीन लोग उसके सीधे संपर्क में आए थे। उनको आईसोलेट कर दिया गया है और उनके आज ही सैंपल लिए जा रहे हैं तथा अस्पताल की ओपीडी को छह घंटे के लिए बंद कर दिया गया है।