हमीरपुर। सहकारी सभाओं के सहायक पंजीयक ने जिला हमीरपुर में पंजीकृत प्राथमिक कृषि सेवा सहकारी समितियों, विपणन सहकारी सभाओं, ऋण एवं बचत सहकारी सभाओं, दुग्ध उत्पादक सहकारी सभाओं और अन्य प्रकार की सभी सहकारी सभाओं को आम जलास तथा वित्त वर्ष 2022-23 का अंकेक्षण कार्य समय पर प्रारंभ करवाने के आदेश जारी किए हैं। सहकारी सभाओं को 31 मार्च से पहले अंकेक्षक का नाम सभा के आम जलास में पारित करवाकर खंड सहकारिता निरीक्षक के माध्यम से विभाग को भेजने के आदेश जारी किए हैं।सहकारी सभाओं के सहायक पंजीयक प्रत्यूष चौहान ने बताया कि वर्ष 2020 में हिमाचल प्रदेश सहकारी सभाएं अधिनियम 1968 में संशोधन किया गया था। इसके अनुसार सहकारी सभाओं को स्वयं अपना अंकेक्षक आम जलास में सर्वानुमति से नियुक्त करने तथा हर वर्ष 30 सितंबर से पहले सभा का अंकेक्षण कार्य पूर्ण करने का प्रावधान किया गया था। लेकिन, जिले की कई सहकारी सभाओं के सचिवों एवं प्रबंधन समितियों ने अंकेक्षण कार्य समय पर नहीं करवाया। इन सचिवों एवं प्रबंधन समितियों पर विभागीय कार्रवाई की गई थी। सहायक पंजीयक ने बताया कि इस वर्ष फरवरी में ही विभाग ने सभा के सचिवों एवं प्रबंधन समितियों को समय पर अपना रिकॉर्ड तथा अंकेक्षण रिपोर्ट संबंधित कार्य पूर्ण करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसकी जिम्मेदारी सभा के सचिव एवं प्रबंधन समिति की होगी।
सहायक पंजीयक ने सभी प्रमाणित सहकारी लेखा परीक्षकों एवं विभाग में सूचीबद्ध चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को भी समय पर अंकेक्षण का कार्य पूर्ण करने के निर्देश जारी किए। अंकेक्षण के दौरान न्यूनतम 25 प्रतिशत ऋण खाते सत्यापित होने आवश्यक हैं, जिसका उत्तरदायित्व सभा सचिव एवं प्रबंधन समिति का है। प्रत्यूष चौहान ने कहा कि समय पर अंकेक्षण कार्य न होने पर सभा सचिव, प्रबंधन समिति एवं अंकेक्षक पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सभी सचिव अपना रिकॉर्ड तैयार रखें, जिससे लेखा परीक्षक को अंकेक्षण कार्य करने में कोई कठिनाई न आए। इसके अतिरिक्त उन्होंने सहकारी सभाओं के सभी खाताधारकों एवं ऋणियों से भी अपील की है कि वे अंकेक्षण कार्य के दौरान लेखा परीक्षक से अपना खाता सत्यापित करवाएं, ताकि सभा की सही वित्तीय स्थिति का आंकलन किया जा सके तथा सभा के सदस्यों को किसी प्रकार का वित्तीय नुकसान न हो।
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