जिला के सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत ठेकेदार ईपीएफ नंबर की शर्त पर भड़क गए हैं। छोटे ठेकेदारों ने एकजुट होकर आईपीएच विभाग और प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
शुक्रवार को सभी ठेकेदारों ने हमीरपुर में एकजुट होकर सरकार को चेताया कि वह छोटे ठेकेदारों का शोषण करना तुरंत बंद करे। उन्होंने कहा कि एक तो प्रदेश वैसे ही बेरोजगारी की समस्या से जूझ रहा है। जो ठेकेदारी करके अपनी रोजी-रोटी कमा रहे हैं, उनके एकमात्र व्यवसाय पर भी खतरे के बादल मंडराना शुरू हो गए हैं।
ठेकेदारों पर महंगाई के दौर में अच्छी गुणवत्ता के साथ शीघ्र काम करने का दबाव बनाया जा रहा है। वहीं, ठेकेदारों को अपना लाइसेंस नवीकरण करवाने के लिए अब ईपीएफ नंबर की शर्त लगा दी है। उन्होंने मांग की कि विभाग इपीएफ नंबर की शर्त को वापस ले और बिलों के लेबर सेस काटना बंद करें। छोटे ठेकेदारों का सेल टैक्स कम कर लेबर सेस काटना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विभाग के तानाशाह रवैये के विरुद्ध सभी ठेकेदार एकजुट हैं। अगर सरकार अपना रवैया नहीं बदलती तो छोटे ठेकेदार विकास कार्यों को रोक देंगे। ठेकेदारों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि जो ठेकेदार समय पर कार्य पूरा कर लें उन्हें तुरंत भुगतान कर देना चाहिए।
इस अवसर पर ठेकेदार अनिल शामा, श्रवण कुमार, पंजाब सिंह, अनिल पुरी, अंकुश दत्त शर्मा, राजेश ठाकुर, जैमल, संजय वर्मा, अनिल सोनी, सुमन भारती, पंकज, संदीप चौहान, अनिल ठाकुर, प्रदीप कुमार, राजेश चौधरी, अजय ठाकुर, शशि कुमार, अजय पुरी एवं सुभाष ठाकुर के अलावा काफी संख्या में ठेकेदार उपस्थित थे।