भाजपा के जिला महामंत्री एवं मीडिया प्रभारी अजय शर्मा और जिला मीडिया सह-प्रभारी अंकुश दत्त शर्मा ने आरोप लगाया की वीरभद्र सरकार अपने दिन पूरे होते देख आनन-फानन में युवा विरोधी निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह हमीरपुर स्थित अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड का अस्तित्व खत्म करना चाहते हैं।
यही कारण है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस बोर्ड का नाम बदलने का निर्णय लिया है। अजय ने कहा कि इससे पहले भी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह जब 2003 में सत्ता में आए थे तो उन्होंने अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड को मुर्गी खाने में बदल देने वाले अपनी घोषणा को यथार्थ में बदलने की भरपूर कोशिश की थी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने का वायदा कर सत्ता में आई कांग्रेस सरकार अब युवाओं के लिए रोजगार के दरवाजे बंद कर रही है। महामंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रेम कुमार धूमल ने हिमाचल को ऊर्जा राज्य बनाने की दिशा में कई कदम उठाये थे।
अब मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की संकीर्ण मानसिकता के चलते बिजली प्रोजेक्टों को रद्द किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश के ऊर्जा राज्य बनने की राह में अवरोध पैदा हो गया है।