भोरंज (हमीरपुर)। विधानसभा क्षेत्र भोरंज में करीब तीन दशक बाद कांग्रेस ने भाजपा के चक्रव्यूह को तोड़कर जीत का स्वाद चखा है, लेकिन जीत के जायके को आपसी कलह ने अब बिगाड़ना शुरू कर दिया है।
यही वजह है कि यहां पर वरिष्ठ से लेकर युवा कार्यकर्ताओं के एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी की तलवारें खींच रखी हैं। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। रोजगार मेले के बहाने कोई नेता सियासी जमीन की तैयारी में जुटा है, तो कोई इस सियासी जमीन के दरकने की वजह बन रहा है।
कांग्रेस की आपसी कलह से यहां मौन हुए विपक्षी नेताओं को बोलने का मौका मिला है। स्थानीय विपक्षी भाजपा नेता यहां लंबे समय से राजनीतिक तौर पर निष्क्रिय हैं, लेकिन अब कांग्रेस की कलह से इन नेताओं की सक्रियता भी दिखी है। भोरंज विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का लंबे समय तक वर्चस्व रहा है। यहां पर इस बार महज 60 वोट से कांग्रेस ने जीत हासिल की है।
कांग्रेस में नेतृत्व बदलने के बाद जीत के साथ पार्टी की बेहतर शुरुआत हुई थी, लेकिन अब आपसी कलह के चलते पार्टी की मुश्किलें यहां पर बढ़ सकती है। अपनी ही पार्टी में स्थान को लेकर विवादित बने राजीव राणा के रोजगार मेले का सपना पूरा नहीं हो सका है। वहीं, वर्तमान विधायक सुरेश कुमार के समर्थक इस मेले के आयोजन और लक्ष्य को लेकर ही सवाल उठ रहे हैं।
खास बात यह है कि दोनों ही पक्षों ने पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं को सियासी लड़ाई और बयानबाजी में झोंक दिया है। कुछ कार्यकर्ता हमीरपुर तो कुछ भोरंज में प्रेसवार्ता कर अपने ही विचारधारा के नेताओं पर सवाल उठा रहे है। यह सब उस वक्त हो रहा है, जब कांग्रेस की कार्यकारिणी न तो प्रदेश और जिला में और न ही ब्लाॅक स्तर पर है।
कथित कांग्रेस संगठन के अध्यक्ष होने के दावों पर सवाल
कांग्रेस नेता राजीव राणा खुद को संगठित कामगार एवं कर्मचारी कांग्रेस (केकेसी) हिमाचल प्रदेश का अध्यक्ष बताते हैं। हालांकि विधायक सुरेश कुमार के समर्थकों और दूसरे पक्ष का दावा है कि जब प्रदेश में कांग्रेस की कार्यकारिणी ही नहीं है, तो वह किस पार्टी के विभाग अथवा संगठन के अध्यक्ष हैं। वहीं, राजीव राणा रोजगार मेला रद्द होने पर इसकी शिकायत सीएम सुक्खू और कांग्रेस हाईकमान से करने की बात भी कह चुके हैं।
कोट
फिलहाल प्रदेश और जिला में कांग्रेस की कार्यकारिणी नहीं है। किसी की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है। किसी संगठन अथवा नेता की ओर से रोजगार मेले के आयोजन को लेकर भी शिकायत नहीं मिली है। जिला में सभी कांग्रेसी नेता एकजुट हैं।
-सुमन भारती, निवर्तमान जिलाध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी, हमीरपुर