कहा, सालों तक सोई रही कांग्रेस, अब एसआईआर पर फैला रही झूठ और भ्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर झूठ और भ्रम फैला रही है। उन्होंने कहा कि यह संवैधानिक संस्था पर हमला करने के साथ हिमाचल के ईमानदार मतदाता का अपमान भी है।
कांग्रेस एसआईआर पर सियासी ड्रामा कर रही है। जारी प्रेस विज्ञप्ति में राजेंद्र राणा ने कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की व्यवस्था नई नहीं है। उनके अनुसार, चुनाव आयोग के नियम 25 के तहत वर्ष 1952 से अब तक 13 बार गहन पुनरीक्षण हो चुका है।
आखिरी बार 2002, 2003 और 2004 में यह प्रक्रिया हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद कांग्रेस और यूपीए सरकारों ने केवल सार पुनरीक्षण करवाया, जिससे मृतकों, स्थायी रूप से पलायन कर चुके लोगों और एक ही व्यक्ति के दो स्थानों पर दर्ज नामों जैसी प्रविष्टियां बढ़ती गईं।
उन्होंने कहा कि एसआईआर पिछले 20 वर्षों में मतदाता सूचियों में आई ऐसी खामियों को दूर करने की प्रक्रिया है। इसे एनआरसी बताना गलत है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने एसआईआर पूरा हो चुके 20 राज्यों में फॉर्म-6 के साथ जुड़े अतिरिक्त घोषणा पत्र को हटा दिया है और अब केवल सामान्य वैधानिक फॉर्म-6 भरना होगा। आयोग ने 26 सितंबर को बैठक में आपत्तियों पर सुनवाई कर सुधार भी किया है।
राजेंद्र राणा ने दावा किया कि एसआईआर के बाद देश में 2.73 करोड़ नए युवा मतदाता जुड़े हैं। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि वर्ष 1952 में गहन पुनरीक्षण कराने वाले पंडित जवाहरलाल नेहरू भाजपा की ‘बी-टीम’ नहीं थे, तो आज चुनाव आयोग को भाजपा की ‘बी-टीम’ क्यों कहा जा रहा है।