कहा, हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोग समेत कई सरकारी संस्थानों को कांग्रेस सरकार ने किया बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। भाजपा प्रत्याशी आशीष शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में आते ही राज्यभर में सैकड़ों संस्थानों को बंद करने के सरकार के फैसले ने जनता को मायूस किया है। ये सभी पिछले भाजपा शासन के दौरान स्थापित किए गए थे। बदले की भावना से की गई यह कार्रवाई न केवल राज्य के शैक्षिक परिदृश्य के लिए झटका है, बल्कि अनगिनत छात्रों और शिक्षकों के सपनों और आकांक्षाओं के लिए भी निराशाजनक है। यह बात आशीष शर्मा ने अपने जन आशीर्वाद अभियान के दौरान गसोता पंचायत में आयोजित नुक्कड़ सभाओं में कही। कहा कि ऐसा लगता है कि हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों से जैसे कोई जन्मों की दुश्मनी निकाली हो। सरकार ने आते ही यहां के प्रतिष्ठित कर्मचारी चयन आयोग को भंग कर दिया। यदि कोई अनियमितता थी तो उसकी जांच होनी चाहिए थी और दोषी कर्मचारियों की जगह दूसरे कर्मचारियों को काम पर लगाना चाहिए था। लेकिन, बोर्ड को भंग करके सरकार ने हजारों नौकरी के चाहवानों और प्रशिक्षुओं के भविष्य से खिलवाड़ किया। गलोड़ और लंबलू का डिग्री कॉलेज बंद किया, लंबलू के प्राइमरी हेल्थ सेंटर और पशु चिकित्सालय को बंद किया। डिडवीं टिक्कर में खोले जाने वाले इंडोर स्टेडियम और जल शक्ति विभाग के सब-डिवीजऩ जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों को भी सरकार ने बंद कर दिया। सरकार केवल इतने में नहीं रुकी। हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र के ब्राह्लड़ी में प्रस्तावित अटल आदर्श विद्यालय और उसके लिए स्वीकृत बजट को भी सरकार ने गोलमोल कर दिया है। हमीरपुर शहर के बड़ू में 3.5 करोड़ बजट की लागत से बनने वाले हेलीपोर्ट को सरकार उठाकर नादौन विधानसभा के करीब ले गई। यहां तक कि भाजपा सरकार की ओर से चलाई गई हिमकेयर और सहारा योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं को भी बंद कर दिया। इन सब बातों से साफ जाहिर होता है कि मौजूदा कांग्रेस सरकार ने हमीरपुर के लोगों की तरफ सौतेला रवैया रखा है। इन संस्थानों के बंद होने से दूरगामी आर्थिक और सामाजिक परिणाम होंगे। शिक्षकों और अन्य कर्मियों की नियुक्तियों से पैदा होने वाले रोजगार के अवसर भी इस सरकार ने बंद कर दिए, जिससे हमीरपुर के लोगों को आजीविका के साधन कम हुए हैं।